आजमगढ़ का सरायमीर और संजरपुर कस्बा एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है। इन कस्बों के कई युवकों को अहमदाबाद ब्लास्ट केस में आरोपी बनाया गया था। आरोप सिद्ध होने के बाद जनपद के सात लोग दोषी पाए गए थे।
दोषी पाए गए लोगों की सजा का ऐलान शुक्रवार को हुआ। इसमें संजरपुर और सरायमीर सहित जनपद के छह दोषियों को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है जबकि एक दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
गुजरात के अहमदाबाद जनपद में 2008 के सीरियल ब्लास्ट केस में विशेष अदालत ने 49 दोषियों के लिए सजा का ऐलान करते हुए 38 को फांसी और 11 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सीरियल ब्लास्ट केस में आजमगढ़ जनपद के सात लोगों पर भी आरोप सिद्ध हुआ था।
आजमगढ़ के छह आरोपी शामिल हैं
कोर्ट द्वारा 38 आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई गई जिसमें आजमगढ़ के छह आरोपी शामिल हैं। जनपद के एक आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। वर्ष 2008 में अहमदाबाद में सीरियल बम धमाका हुआ था। जिसें 59 लोग मारे गए थे।
मूलरूप से सरायमीर थाना क्षेत्र के बीनापार निवासी अबुल बशर को गुजरात पुलिस ने गिरफ्तार किया था। दावा था अबुल बशर इंडियन मुजाहिद्दीन आतंकी संगठन से जुड़ा था। इस मामले में आठ फरवरी को अदालत का फैसला आया था।
जिसमें अदालत ने बीनापारा निवासी अबुल बशर के साथ संजयरपुर निवासी मो. सैफ, आरिफ मिर्जा नसीम, इसरौली निवासी आरिफ बदर, पारा निवासी मो. सादिक, शहर कोतवाली के बदरका निवासी सैफूल रहमान और कोट किला निवासी मो. जीशान को अदालत ने दोषी ठहराया था। जबकि संदेह का लाभ देते हुए अदालत ने मो. हबीब, मो. साकिब और मो. जाकिर को बरी कर दिया था।
इनको सुनाई गई फांसी की सजा
मो. सादिक, पारा, सरायमीर को आजीवन कारावास मिला।
- फोटो : अमर उजाला
अबुल बसर, बीनापारा, सरायमीर।
- मो. सैफ, संजरपुर, सरायमीर।
- आरिफ मिर्जा नसीम, संजरपुर सरायमीर।
- आरिफ बदर, इसरौली, सरायमीर।
- सैफूल रहमान, बदरका,शहर कोतवाली।
- मो. जीशान, कोट किला, शहर कोतवाली।
इनको मिला आजीवन कारावास
- मो. सादिक, पारा, सरायमीर।
दोषियों में मऊ का अफजल उस्मानी भी
मऊ का अफजल उस्मानी।
- फोटो : अमर उजाला
मऊ के मधुबन थाना क्षेत्र के ढिलई फिरोजपुर गांव शुक्रवार को चर्चा में आ गया। अहमदाबाद में 2008 के सीरियल ब्लास्ट मामले में विशेष अदालत ने 38 दोषियों को फांसी तथा 11 को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। सजा पाने वाले में जिले के ढिलई फिरोजपुर निवासी अफजल उस्मानी भी शामिल है।
अफजल उस्मानी 2008 से पहले से ही मुंबई में रहता है। अफजल के विरुद्ध थाना रामपुर में 2008 में गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज है। उसे 2008 में महाराष्ट्र की चोरी की गाड़ी के साथ पकड़ा गया था। इसके बाद टाटा सूमो, बोलेरो तथा बाइक चोरी के मामले में पकड़ा गया था। अफजाल के पैतृक गांव में घर पर ताला बंद है। उसके पिता मुतालिब उर्फ झिन्नू तथा उसके भाई तौफीक की भी मौत कुछ वर्ष पहले हो चुकी है।