जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुई अगलगी की दो घटनाओं में खेत में खड़ी एक बीघा तथा खलिहान में रखी 400 बोझ जलकर राख हो गया। आग लगने पर गांव के लोगों ने प्रयासकर उसे बुझाया। इसका परिणाम रहा कि आग ने और भयावह रूप अख्तियार नहीं किया।
सूना पाकर मौके पर पहुंचे दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाया।
मार्टीनगंज संवाददाता के अनुसार, सरायमीर थाना क्षेत्र के बखरा गांव निवासी हिसामुद्दीन खेत से कटी फसल को मड़ाई करने के लिए खलिहान में रखे थे। शुक्रवार की दोपहर अज्ञात कारणों से खलिहान में रखी फसल में आग लग गई। जब तक लोगों को इसकी जानकारी हुई और वे आग पर काबू पाने का प्रयास किए। पूरी फसल जलकर राख हो गई। पीड़ित के अनुसार, अगलगी की घटना में करीब 400 बोझ जलकर राख हो गया।
मालटारी संवाददाता के अनुसार, बिलरियागंज थाना क्षेत्र के बोझिया गांव में शुक्रवार की दोपहर खेत में खड़ी गेहूं की फसल में आग लग गई। धुआं उठने पर लोगों को इसकी जानकारी हुई। गांव के लोग भागकर खेत पहुंचे। साथ ही आग पर काबू पाने के लिए अथक प्रयास किए। ग्रामीणों के प्रयास से आग पर काबू पाया जा सका। इस दौरान पता चला कि जली फसल गांव निवासी लौटू सिंह की थी।
जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के छत्तरपुर चकिया गांव में शुक्रवार को अज्ञात कारणों से आग लग गई। जिसके कारण तीन मड़ई और छप्पर (कटरैन) जल गया। गांव निवासी चंद्रावती पत्नी राजेंद्र की रिहायशी मड़ई में शुक्रवार की शाम चार बजे अज्ञात कारणों से आग लग गई। जब तक लोग आग पर काबू पाते. तब तक आग ने विकराल रूप धारण करते हुए तीन मड़ई और कटरैन को अपने कब्जे में ले लिया। 22 अप्रैल को चंद्रावती की बेटी की शादी थी। शादी के लिए रखा गया सामान जलकर राख हो गया।