एसपी कार्यालय के सामने शव रख कर प्रर्दशन कर रहे लोगो को समझामी पुलिस।
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आजमगढ़। गंभीरपुर थाना क्षेत्र के रक्षपालपुर गांव में रास्ते के विवाद में घायल वृद्ध की मंगलवार को मौत हो गई। नाराज परिजनों ने बुधवार को शव लेकर एसपी दफ्तर पहुंचे और जाम लगा दिया। उनका कहना था कि हत्या के बाद लेखपाल और कानूनगो रास्ते की पैमाइश करने पहुंचे जबकि कमिश्नर और डीएम ने कई बार विवाद सुलझाने का निर्देश दिया था। आदेश के अनुपालन में कभी राजस्वकर्मी तो कभी पुलिसवाले नहीं मिले और विवाद गहराता चला गया। इस विवाद में एक व्यक्ति को अपनी जान गंवानी पड़ी।
मृत रामचरण मौर्य (60) पुत्र श्यामलाल गंभीरपुर थाने के रक्षपालपुर गांव का निवासी था। रामचरण के अलावा गांव के शिवप्रसाद, शिवचरण, रामचंदर मौर्य, राकेश मौर्य सहित 12 से अधिक लोगों का रास्ता बीते तीन महीने से अवरुद्ध है। इनका परिवार अपने घर से बाहर नहीं निकल पा रहा था। इनके घर जाने वाले प्रमुख मार्ग पर गांव के कुछ दबंगों ने कब्जा करते हुए अवरुद्ध कर दिया है। रामचरण के रिश्तेदार वैभव मौर्य, रिंकू मौर्य ने बताया कि जिस समय रास्ता बंद किया गया था तब से ही रास्ता खुलवाने के लिए कई बार एसडीएम, डीएम, कमिश्नर समेत अन्य अधिकारियों से मिलकर न्याय की गुहार लगाई गई। सभी अधिकारियों ने लेखपाल, कानून गो को पुलिस बल के साथ जमीन की पैमाइश कर रास्ता खुलवाने का निर्देश दिया। अधिकारी आदेश तो दे देते थे, लेकिन लेखपाल, कानूनगो और थाने की पुलिस ने उसका अनुपालन नहीं किया। उनकी लापरवाही का परिणाम रहा कि विवाद गंभीर होता गया और मनबढ़ों ने 26 जुलाई की रात घर में घुसकर रामचरण को मारपीटकर घायल कर दिया। इलाज के दौरान मंगलवार को उसकी मौत हो गई। रामचरण की लाश लेकर बुधवार को परिवार के लोग एसपी दफ्तर पहुंचे और शव रखकर जाम लगा दिया। जाम लगने की सूचना पर शहर कोतवाल अनिल सिंह समेत अन्य पहुंचकर समझाने बुझाने का प्रयास किया। लोगों का कहना था कि जब रास्ते के विवाद में रामचरण की हत्या हो गई तब लेखपाल और कानूनगो जमीन की पैमाइश करने पहुंचे। समाचार लिखे जाने तक लाश मौके पर पड़ी थी। समझाने-बुझाने का क्रम चल रहा था।