आजमगढ़। शंकर कन्नौजिया नाम का खूंखार अपराधी वर्षों से पुलिस के लिए सिरदर्द बना था। उसने वाहन हड़पने और लूट की साजिश के तहत अपहरण और हत्या की कई वारदातों को अंजाम दिया था। उसका तरीका बेहद सनसनीखेज था वह हत्या सिर काटकर धड़ से अलग करता और सिर को दूसरी जगह नदी में फेंक देता था जिससे पहचान न हो सके।
रौनापार थाना क्षेत्र के हाजीपुर गांव निवासी शंकर कन्नौजिया का जब जन्म हुआ तो जन्म के छठवें दिन उसकी मां की मृत्यु हो गई। इसके बाद वह मऊ जनपद के दोहरीघाट में रह रही अपने मौसी के यहां रहने लगा। शंकर कन्नौजिया तीन भाई व दो बहनों में सबसे छोटा था। परिजनों ने बताया कि 16 वर्ष की उम्र में ही शंकर गलत संगत में पड़ गया था। 2001 से शुरु हुआ अपराध का सिलसिला 2025 में आकर समाप्त हो गया। शंकर वाहनों को हड़पने के लिए पहले अपहरण करता था। इसके बाद सिर काटकर हत्या कर देता था और सिर को नदी में फेंक देता था।
2011 का पहला खुलासा
आजमगढ़। मऊ जनपद के थाना दोहरीघाट में 2011 में दर्ज मुकदमा सभी को चौका देने वाला था। शंकर ने अपने साथियों अनिरुद्ध सोनकर और अरविंद यादव के साथ मिलकर विन्ध्याचल पांडेय की बेरहमी से हत्या की थी। आरोप है कि आर्मडा लोडर वाहन लूटने के लिए उसका सिर काट दिया गया और धड़ को घाघरा नदी में फेंक दिया गया। इसमें शंकर कन्नौजिया के साथी अनिरूद्ध सोनकर व अरविंद्र यादव को आर्मडा लोडर गाड़ी के साथ गिरफ्तार करते हुए जेल भेजा गया था। इसमें मुख्य आरोपी शंकर कन्नौजिया तभी से भागा हुआ था।
2024 में दोहराया खौफनाक खेल
आजमगढ़। एक जुलाई 2024 को शंकर ने गोरखपुर से शैलेंद्र की पिकअप गाड़ी भाड़े पर बुक कराई। तीन जुलाई को लाटघाट बुलाकर शैलेंद्र को अपने घर ले गया, जहां साथियों रामछवि और छांगुर के साथ मिलकर धारदार हथियार से सिर काटकर हत्या करने का आरोप है। धड़ को घर के पीछे गाड़कर नमक डाल दिया और सिर को दूसरी जगह नदी में फेंक दिया। पुलिस ने रामछवि और छांगुर को 14 जुलाई 2024 को गिरफ्तार किया। उनकी निशानदेही पर शैलेंद्र का धड़ बरामद हुआ और छांगुर के पास से पिकअप गाड़ी मिली। इसी मामले को लेकर शंकर कन्नौजिया पर वाराणसी जोन के एडीजी ने 13 सितंबर 2024 को एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
एडीजी पियूष मोर्डिया ने घोषित किया था इनाम
आजमगढ़। एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि घटना कर भागे आरोपी शंकर कन्नौजिया पर 13 सितंबर 2024 को अपर पुलिस महानिदेशक, वाराणसी जोन ने एक लाख का इनाम घोषित किया था। उक्त आरोपी के खिलाफ चार मुकदमे आजमगढ़ में दर्ज थे। इसमें दो रौनापार व एक जीयनपुर और एक जहानागंज में। वहीं मऊ जनपद के देाहरीघाट थाने में उसके खिलाफ कुल चार मुकदमे दर्ज हुए।
पहला मुकदमा दोहरीघाट थाने में 1999 में मारपीट का मुकदमा पंजीकृत हुआ था। इसके बाद 2001 में दर्ज हुआ था। 2002 में दाे मुकदमे, 2011 में एक मुकदमा गुंडा एक्ट के तहत दर्ज हुआ था। 2011 में ही अपहरण, हत्या व लूट का मुकदमा पंजीकृत हुआ था। फिर आजमगढ़ जनपद के रौनापार थाने में 2008 में दो मुकदमे दर्ज हुए। वहीं, 2024 में जीयनपुर कोतवाली में मुकदमा पंजीकृत किया गया। फिर 2025 में जहानागंज थाने में मुठभेड़ में मुकदमा उसके खिलाफ दर्ज किया गया।
14 : अपराधी शंकर कन्नौजिया। श्रोत-पुलिस
14 : अपराधी शंकर कन्नौजिया। श्रोत-पुलिस