मुख्य राजस्व अधिकारी, उपसंचालक चकबंदी न्यायिक द्वारा न्यायालय कक्ष में अमर्यादित व्यवहार करने के विरोध में मंगलवार को दी डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में धरना दिया। कलेक्ट्रेट से जुलूस निकाल कर चक्रमण किया।
धरने का संचालन कर रहे संघ के मंत्री अजय कुमार सिंह ने कहा कि मुख्य राजस्व अधिकारी, उपसंचालक चकबंदी न्यायिक द्वारा न्यायालय कक्ष में अमर्यादित व्यवहार किया जाता है। न्यायालय की गरिमा के विपरीत उनके द्वारा आचरण किया जाता है। वादकारियों के हितों के विपरीत उनके कार्य किए जा रहे हैं। नियमत: कानून का पालन नहीं किया जा रहा है। चक निगरानी की पत्रावलियों में अभिलेख तलब नहीं किए जाते। वकीलों ने जनपद से इनका स्थानांतरण किए जाने की मांग किया। कहा कि डीएम और मंडलायुक्त से शिकायत किए जाने के बाद भी इनके व्यवहार में कोई परिवर्तन नहीं आया, जिसके कारण अधिवक्ता धरना प्रदर्शन करने के लिए बाध्य हुए। धरने को अधिवक्ता देवकरन सिंह, सुरेंद्र सिंह, मुम्ताजुज्जमा, राजेश राय, सुबाष राय, रणविजय यादव,जय प्रकाश यादव, प्रदीप कुमार मिश्र, रामजी अस्थाना, बृजेश यादव, लौटू राम मौर्य, दयाशंकर सिंह आदि ने संबोधित किया।
सेंट्रल बार ने किया समर्थन, नहीं किया कार्य
सेंट्रल बार एसोसिएशन के अधिवक्ता सदस्यों की बैठक संघ के सभागार में अध्यक्ष शत्रुघ्र सिंह एडवोकेट की अध्यक्षता में हुई। जिसमें दी डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के प्रस्ताव का समर्थन किया गया। प्रस्ताव के समर्थन में अधिवक्ताओं ने संपूर्ण दिवस न्यायिक कार्य नहीं किया। अंत में तहसील बार एसोसिएशन के अधिवक्ता रामाश्रय सिंह एडवोकेट के निधन पर दुख व्यक्त किया गया। दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई। बैठक का संचालन संघ के मंत्री रविंद्र कुमार एडवोकेट ने किया।