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एडमिशन के लिए लुभा रहे अभिभावकों को

Mon, 25 Apr 2016 11:39 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
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स्कूल
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 हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी जनपद में बिना मान्यता प्राप्त विद्यालयों का संचालन धड़ल्ले से हो रहा है।  नगर से सटा एक विद्यालय वनीकरण क्षेत्र में होने के कारण इसकी मान्यता रद्द करने के साथ ही ढहाने का भी आदेेश हाईकोर्ट से जारी हो चुका है लेकिन विद्यालय प्रबंधन की ओ्र से गाड़ियों पर माइक लगाकर बेधड़क एडमिशन के लिए प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय की माने तो जनपद में हिंदी मीडियम के 1291 प्राथमिक विद्यालय और जूनियर में 660 विद्यालय मान्यता प्राप्त हैं। 2015-16 में विभाग द्वारा 836 विद्यालयों को मान्यता न होने के कारण नोटिस जारी किया गया, जिसमें बहुत से विद्यालय बंद हो गए। बहुत से विद्यालयों ने मान्यता ले ली। इसके बाद भी आज बहुत से विद्यालय जनपद में बिना मान्यता के ही संचालित हो रहे हैं। विभाग ऐसे विद्यालयों पर रोक नहीं लगा पा रहा है।   जिले में 18 सीबीएसई और दो आईसीएसई के मान्यता प्राप्त विद्यालय संचालित हो रहे हैं। लेकिन अतिरिक्त जनपद के सभी कई दर्जन विद्यालय बिना मान्यता के ही संचालित हो रहे हैं। विभाग द्वारा जुलाई माह में बिना मान्यता के विद्यालयों के संचालन पर रोक लगाने के तेजी से प्रयास किए जाते हैं। लेकिन समय बीतने के साथ यह अभियान धीरे-धीरे ठंडा हो जाता हैैै और विद्यालय पूर्व की भांति संचालित होते हैं।
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नगर के रोडवेज से सटे एक विद्यालय को ग्रीनलैंड एरिया में बने होने के कारण इसे ढहाने और मान्यता रद्द करने का नोटिस जारी हुआ लेकिन अभी तक न तो विद्यालय भवन ढहाया गया और न ही इसकी मान्यता ही रद् की गई। विद्यालय द्वारा प्रचार वाहन पर माइक लगाकर धड़ल्ले से एडमिशन के लिए प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
 
  सीबीएसई और आईसीएसई से मान्यता प्राप्त विद्यालयों को चेक करने का हमें कोई अधिकार नहीं है। इनका क्षेत्रीय कार्यालय इलाहाबाद में है। उन्हीं के द्वारा कार्रवाई की जाती है। 
- रामचेत, सहायक शिक्षा निदेशक 
बिना मान्यता प्राप्त विद्यालय में अभिभावकों को बच्चों का नामांकन नहीं कराना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से आगे चलकर बच्चे की पढ़ाई बाधित हो सकती है। समय-समय पर विभाग ऐसे विद्यालयों के विरुद्ध अभियान चलाकर कार्रवाई करता है। - राकेश कुमार, बीएसए
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