आजमगढ़। शहर के नरौली क्षेत्र में बनी कृष्णा कालेज की इमारत ग्रीन लैंड में है। पूर्व में कालेज की मान्यता रद्द करने और इमारत को गिराने के आदेश भी हो चुके हैं, लेकिन मामला कोर्ट में चला गया था। सुप्रीम कोर्ट से भी कालेज प्रबंधन को कोई राहत नहीं मिली है।
प्रशासन को इस बिल्डिंग को गिराने के आदेश दिए गए हैें। एक सप्ताह को दौरान इस इमारत पर प्रशासन का हथौड़ा कभी चल सकता है।
बागेश्वर नगर में कृष्णा कालेज के नाम से ग्रीनलैंड एरिया में बिल्डिंग बनाकर विद्यालय का संचालन कई वर्षों से हो रहा है। बहुत पहले ग्रीन लैंड एरिया में होने के कारण एडीए की ओर से विद्यालय के प्रबंधक को नोटिस जारी की गई।
नोटिस के बाद प्रबंधक हरकत में आए और उन्होंने जिले से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक का दरवाजा खटखटाया। राहत न मिलने के बाद भी प्रबंधक द्वारा धड़ल्ले से विद्यालय का संचालन किया जाता रहा। इसी बीच जब डीडीसी ऋतु सुहास को आजमगढ़ विकास प्राधिकरण के सचिव का चार्ज मिला तो उन्होंने भी इस विद्यालय की बिल्डिंग को गिराने का प्रयास किया।
उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक को विद्यालय की मान्यता रद्द करने का निर्देश दिया और बिल्डिंग में पढ़ाई का कार्य बंद कराने का निर्देश दिया।
जिला विद्यालय निरीक्षक बीके शर्मा की मानें तो मार्च 2017 में ही विद्यालय की मान्यता समाप्त करने के लिए परिषद के सचिव को संस्तुति कर दी थी। लेकिन अभी तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस बीच डीडीसी का जनपद से स्थानांतरण हो गया और मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
कोर्ट के आदेश की जानकारी होने के बाद अब जिला प्रशासन विद्यालय की बिल्डिंग पर हथौड़ा चलाने की तैयारी में हैं। जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह की ओर से एडीए सचिव बाबू सिंह और जिला विद्यालय निरीक्षक डा. बीके शर्मा को आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
एडीए के सचिव को इमारत को तुरंत गिराने और जिला विद्यालय निरीक्षक को इमारत में शिक्षण कार्य तुरंत बंद कराने के निर्देश जारी किए हैं। इमारत अवैध तरीके से बनी है। इसे गिराने में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। चंद्रभूषण सिंह, जिलाधिकारी
अवैध इमारत बनाने वालों में हड़कंप
आजमगढ। बागेश्वर नगर में कृष्णा कालेज की इमारत को गिराने के आदेश के साथ ही ग्रीनलैंड और कृषि क्षेत्र में अवैध तरीके से इमारत खड़ा करने वालों में हड़कंप की स्थिति है। शहर में शारदा तिराहा, बवाली मोड़, सिधारी पुल, शाही पुल, करतालपुर बाइपास आदि क्षेत्र में ग्रीनलैंड और कृषि क्षेत्र में धड़ल्ले से निर्माण कर इमारत खड़ी की गई है।
प्रशासन की ओर से कार्रवाई शुरू होने से उनके अंदर भी हड़कंप की स्थिति है कि उनका भी नंबर आने वाला है।