आजमगढ़। जनपद में आजमगढ़ विकास प्राधिकरण (एडीए) का गठन 2008 में हुआ था। तब से एडीए जिले में न तो कोई कॉलोनी बसा सका और न ही कोई ऐसा कार्य कर सका जिससे जनपद का विकास हो सके।
अधिकारी एडीए की आमदनी कम होने का हवाला देते रहते हैं। डीएम रविंद्र कुमार ने अब एडीए की आमदनी बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। जल्द ही एडीए जमीन की प्लॉटिंग कर उसकी बिक्री कर सकता है। एडीए के गठन के बाद विभाग जिले का नियमित विकास नहीं कर सका। जिसको जहां मौका मिला वहीं पर उसने आवास का निर्माण करा लिया। किसी ने ग्रीन बेल्ट तो किसी ने कृषि क्षेत्र में निर्माण कराया। इसका परिणाम रहा कि इस अनियमित विकास के बाद भी किसी भी अधिकारी ने कभी इसकी आमदनी बढ़ाने के बारे में नहीं सोचा।
अगर एडीए की आमदनी बढ़ जाए तो लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने और शहर के विकास में अपना भी योगदान दे सकता है। इसे देखते हुए डीएम रविंद्र कुमार ने प्राधिकरण के जरिये प्लॉटिंग कराकर उसकी बिक्री करने की योजना तैयार की है ताकि प्राधिकरण के इतनी आमदनी हो जाए कि वह जिले में विकास का कोई कार्य करा सके।
इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को जमीन की तलाश करने का भी निर्देश दिया है ताकि इस योजना को मूर्त रूप दिया जा सके।