आजमगढ़। समाज कल्याण विभाग ने वर्ष 2020-21 से छात्रवृत्ति के ऑनलाइन आवेदन भरने में आधार नंबर अनिवार्य कर दिया है। समाज कल्याण अधिकारी ने समस्त शिक्षण संस्थानों को निर्देश जारी किए हैं कि वह अपने स्तर से सभी छात्रों का आवेदन जांच लें। यदि दो छात्रवृत्ति का लाभ लेने के लिए कोई भी आवेदन पाया गया तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
समाज कल्याण विभाग अनुसूचित जाति, जनजाति व सामान्य वर्ग के गरीबों को पूर्वदशम व दशमोत्तर छात्रवृत्ति प्रदान करता है। यह छात्रवृत्ति 2.50 लाख रुपये सालाना से कम आमदनी वाले परिवारों के छात्र-छात्राओं को मिलती है। छात्रवृत्ति में अक्सर फर्जी आय प्रमाण पत्र लगाकर छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति लेने की शिकायतें मिलती हैं। इस फर्जीवाड़ा को रोकने के लिए सरकार ने आधार को अनिवार्य कर दिया है। इसे वर्ष 2020-21 से लागू किया गया है। इसके बाद फर्जी आय प्रमाण पत्र के आधार पर कोई छात्रवृत्ति प्राप्त करने की कोशिश करेगा तो वह तत्काल पकड़ा जाएगा। छात्रवृत्ति के आवेदन के साथ आधार नंबर भी विभाग के पास आ जाएगा। गरीबों का हक मारने वाले ऐसे घोटालेबाजों के खिलाफ सरकार एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करेगी।
सभी विद्यालय हों मास्टर डाटा में शामिल
जिला समाज कल्याण अधिकारी विनोद कुमार सिंह ने कहा कि शासन ने छात्रवृत्ति योजना को सुचारु रूप से चलाने के लिए कॉलेजों को डाटाबेस में अनिवार्य किया है। मास्टर डाटाबेस में वहीं संस्थान शामिल किए जाएंगे जो 15 जुलाई तक मान्यता प्राप्त कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन डाटाबेस में शामिल नहीं होने वाले विद्यालय स्वयं जिम्मेदार होंगे।
छात्रवृत्ति योजना में आधार प्रमाणीकरण लागू होने से इसमें और पारदर्शिता आई है। फर्जी आधार बनवाने वाले भी प्रमाणीकरण में बाहर हो जाएंगे। आधार प्रमाणीकरण का सारा काम सॉफ्टवेयर के जरिए होगा। इसके लागू होने से ज्यादा से ज्यादा गरीबों को उनका हक मिलेगा। - विनोद कुमार सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी, आजमगढ़