आजमगढ़। सदर तहसील के मुजफ्फरपुर में नवीन परती और सार्वजनिक उपयोग की भूमि का बाबा बैजनाथ शिक्षण सेवा समिति के लिए विनियम करने के मामले में तत्कालीन एसडीएम, तहसीलदार, कानूनगो और लेखपाल को दोषी पाया गया है। कानूनगो और लेखपाल पर कार्रवाई के लिए जहां एसडीएम सदर को लिखा गया है। वहीं, एसडीएम और तहसीलदार पर सख्त कार्रवाई के लिए शासन को लिखा गया है। कानूनगो और लेखपाल रिटायर हो चुके हैं।
सदर तहसील के ग्राम मुजफ्फरपुर सदर स्थित गाटा संख्या 310 मि. रकबा 0.108 हेक्टेयर नवीन परती और गाटा संख्या 329 रकबा 0.099 हेक्टेयर सार्वजनिक उपयोग की पौधरोपण की भूमि है। इसे बाबा बैजनाथ शिक्षण सेवा समिति मुजफ्फरपुर बजरिये कटेश्वर राय की भूमिधरी आराजी नंबर 1231, 1379, 1311, 1312, 1313 की भूमि का विनियम गलत ढंग से किया गया था। डीएम एनपी सिंह ने इसकी मुख्य राजस्व अधिकारी से जांच कराई। भूमि विनियम में तत्कालीन एसडीएम हरिलाल, तत्कालीन तहसीलदार सत्यनारायन चौहान, तत्कालीन राजस्व निरीक्षक सुग्रीव राजभर और तत्कालीन लेखपाल भुवाल राम दोषी पाए गए। मुख्य राजस्व अधिकारी की जांच आख्या पर डीएम ने तत्कालीन एसडीएम के विरुद्ध कार्रवाई के लिए प्रमुख सचिव नियुक्ति को पत्र भेजा है। तत्कालीन प्रभारी तहसीलदार सत्यनारायन चौहान के विरुद्ध कार्रवाई के लिए आयुक्त व सचिव राजस्व परिषद नियुक्ति लखनऊ को पत्र लिखा है। तत्कालीन राजस्व निरीक्षक और लेखपाल के विरूद्ध कार्रवाई के लिए एसडीएम सदर को निर्देशित किया गया है।