फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अस्पताल पहुंचाने में हुई देरी तो एंबुलेंसकर्मी पर होगी कार्रवाई

विज्ञापन
विज्ञापन
आजमगढ़। कोरोना मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में हो रही देरी को लेकर जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। जिला प्रशासन की ओर से डायट आफिस में कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। यहां पर तैनात कर्मचारी एंबुलेंस को सूचना देने और मरीज को अस्पताल तक पहुंचने में लगे समय को नोट करेगा। निर्धारित समय से ज्यादा समय मरीज को अस्पताल पहुंचने में लगा तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई तय है।
विज्ञापन

जिले में कोरोना संक्रमण का ग्राफ दिन प्रतिदिन बढ़ते हुए 400 के ऊपर पहुंच चुका है। इसमें एक्टिव मरीजों की संख्या भी 125 से अधिक है। दिन प्रतिदिन पॉजिटिव पाए जा रहे मरीजों को संबंधित अस्पतालों तक पहुंचाने में काफी लापरवाही बरती जा रही है। जिसका परिणाम है कि रिपोर्ट आने के 24 से 36 घंटे मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में लग रहे हैं। जिसे देखते हुए डीएम राजेश कुमार ने स्वास्थ्य विभाग के एक कर्मचारी को यहां लगाया है जो कोरोना पॉजिटिव की रिपोर्ट फ्लैश होने के बाद उसकी सारी जानकारी एकत्र कर एक प्रति स्वास्थ्य विभाग, एक प्रति शिक्षा विभाग और एक प्रति संबंधित क्षेत्र के एंबुलेंस कर्मी को देगा। एंबुलेंस कर्मी को दी गई सूचना का समय उसके द्वारा नोट किया जाएगा। इसके बाद जब एंबुलेंस मरीज के पास पहुंची उसका समय और जब उसने मरीज को अस्पताल छोड़ा वह समय नोट करेगा। बाद में इसकी जांच की जाएगी। अगर निर्धारित समय से अधिक समय इस कार्य में लगता है तो संबंधित एंबुलेंस कर्मी के विरुद्घ कार्रवाई की जाएगी।
एंबुलेंस में लगे ट्रैकर से होगी निगरानी
इस सूचना को देने के बाद उक्त व्यक्ति संबंधित एंबुलेंस की लोकेशन को भी उसमें लगे ट्रैकर के माध्यम से ट्रैक कर उस स्थान का नाम दर्ज किया जाएगा। साथ ही किस समय उक्त एंबुलेंस किस स्थान पर थी इस बात का भी समय और लोकेशन दर्ज किया जाएगा। ताकि जरूरत पड़ने पर यह जानकारी हासिल की जा सके कि आखिर किस वजह से मरीज को अस्पताल पहुंचने में देरी हुई।
विज्ञापन

कोरोना पाजीटिव मिलने के बाद मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में हो रही देरी को देखते हुए इस कदम को उठाया गया है। इस योजना से मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में हो रही देरी के कारणों का पता चलेगा। दूसरे जानबूझकर इसमें देरी करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जा सकेगी। साथ ही सूचना मिलने के बाद पाजीटिव मरीज को जहां रहेगा वहीं पर रोककर अस्पताल भेजा जा सकेगा। - आनंद शुक्ला, सीडीओ।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें