अखिल भारतीय राज्य कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लल्लन पांडेय ने कहा कि देश और प्रदेश की सरकारें कर्मचारियों और शिक्षकों को पूर्व से अर्जित उपलब्धियों को छीनने में लगी हैं, जिसे संगठन बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि ‘वादा पूरा करो या कुर्सी छोड़ो’ अभियान के तहत संघर्ष के प्रथम चरण में मंडलीय सम्मेलनों का आयोजन हो रहा है। यदि सरकारें नहीं चेती तो प्रदेशव्यापी प्रदर्शन का अभियान चलाकर प्रदेश में शासन की व्यवस्था को ठप कर दिया जाएगा।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बुधवार को नेहरू हाल में पुरानी पेंशन बहाली, छठे वेतन आयोग की विसंगतियों एवं सातवें वेतन आयोग समिति के 33 वर्ष सेवा पर सरकार द्वारा जबरिया सेवानिवृत्ति आदि को लेकर उत्तर प्रदेश कर्मचारी-शिक्षक समन्वय समिति के तत्वावधान में आयोजित मंडलीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के महामंत्री इंद्रासन सिंह ने कहा कि अस्थायी विधायी शक्तियों को संविधान में यह अधिकार नहीं दिया है कि स्थायी शिक्षकों और कर्मचारियों की सेवा समाप्त करें। पेंशन और वेतन बंद कर सकें। उन्होंने कहा कि शिक्षक और कर्मचारी देश और प्रदेश की सरकारों के विरुद्घ अभियान चलाकर सरकार को गिराने का कार्य करेंगे।
कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति के संयोजक गिरिश चतुर्वेदी ने कहा कि मंडलीय सम्मेलन शिक्षक और कर्मचारियों की चट्टानी एकता, केंद्र और राज्य सरकारों के चेतावनी का संकेत है। हमारे हितों से खिलवाड़ करने वाली सरकारों की गणित आगामी चुनाव में इस देश की जनता बिगाड़ देगी।
सम्मेलन को माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष रामबिहारी सिंह, वशिष्ठ सिंह, अनीता साइलेस आदि ने भी संबोधित किया। इस मौक पर दिवाकर तिवारी, रमाकांत सिंह, बलवंत सिंह, ध्रुवमित्र शास्त्री, मनोज कुमार त्रिपाठी, शांतिशरण सिंह, इफ्तेखार काशीपुरी, सर्वेश्वर पांडेय, वकार अहमद समेत मऊ, बलिया के शिक्षक मौजूद रहे।