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कब्रिस्तान की भूमि को बेचने का आरोप

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मुबारकपुर। सठियांव ब्लाक के गजहड़ा में कब्रिस्तान की भूमि को फर्जी दस्तावेज के सहारे बैनामा करने का मामला सामने आने से ग्रामीणों में हड़कंप मचा है। ग्रामीणों का कहना है कि उक्त भूमि भूमिधरी थी। बंटवारे में भूमि स्वामी इसे कब्रिस्तान के नाम पर पाकिस्तान चले गए थे।
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ब्लाक सठियांव क्षेत्र के ग्राम गजहड़ा में अब्दुल सत्तार पुत्र अजमत अली का परिवार आजादी से पहले यहां आबाद था। उन्हीं के नाम से गाटा संख्या 1000 रकबा लगभग 150 हेक्टेयर है राजस्व अभिलेखों में दर्ज थी। भारत-पाकिस्तान के बंटवारे के समय ही अब्दुल सत्तार के परिवार के लोग अपनी जमीन को लिखित रूप से खुश्की लिखकर कब्रिस्तान के लिए गांव वालों को देकर पाकिस्तान चले गए। तब से अब्दुल सत्तार का परिवार लौटकर वापस गजहड़ा नहीं आया। उक्त जमीन से सटी हुई अराजी कब्रिस्तान की है। अब्दुसत्तार के परिवार के चले जाने के बाद 150 हेक्टेयर जमीन भी कब्रिस्तान में ही तब्दील हो गई। तभी से ग्रामीण उक्त जमीन का दफन के लिए प्रयोग करते हैं। सगड़ी तहसील क्षेत्र और असाउर के कुछ कतिपय लोगों ने 11 सितंबर को अब्दुल सत्तार के नाम से फर्जी डॉक्यूमेंट तैयार कराकर उक्त भूमि का बैनामा कर दिया। जब इस फर्जीवाड़े की जानकारी ग्रामीणों को हुई तो होश उड़ गए। आनन फानन में उक्त जमीन की जांच पड़ताल करने में जुट गए। अधिवक्ताओं से सलाह ली। नियाज अहमद, भोलानाथ यादव, सितारा खातून, अधिवक्ता नागेन्द्र यादव आदि लोगों ने बताया कि अब्दुल सत्तार का परिवार बंटवारे के समय ही अपनी भूमि को क़ब्रिस्तान के नाम कर पाकिस्तान चले गए थे। आज इस भूमि को कुछ कतिपय लोगों द्वारा फ़र्जी दस्तावेज तैयार कर फर्जी आदमी को खड़ा कराकर अपने नाम बैनामा करा लिया है। ग्रामीण इसकी जिला प्रशासन के पास शिकायत करने की तैयारी में हैं। एसडीएम सदर गौरव कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं मिली है। यदि इसकी शिकायत मिलती है तो जांच कर मामले में कार्रवाई की जाएगी।
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