सठियांव। मुबारकपुर थाना क्षेत्र के काशीपुर गांव निवासी एक व्यक्ति के जुड़वा नवजात बच्चों की शनिवार की भोर में संदिग्ध हालात में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि आंगनबाड़ी केंद्र से मिले पाउडर दूध को पिलाने के बाद ऐसा हुआ। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने फूड प्वाइजनिंग अथवा दम घुटने से मौत की आशंका जताई है। परिजनों ने शवों को पोस्टमार्टम कराए बिना दफना दिया।
काशीपुर गांव की मधुबाला पत्नी दिवाकर राम ने दो माह पूर्व एक प्राइवेट अस्पताल में जुड़वा बच्चे हुए थे। दोनों बच्चे स्वस्थ्य थे। मधुबाल के अनुसार शुक्रवार की रात उसने आंगनबाड़ी से मिले पैकेट के दूध को दोनों शिशुओं को पिलाकर सुलाया। भोर में चार बजे के मधुबाला की आंख खुली तो दोनों बच्चे मृत हाल में पड़े थे। मधुबाला की चीख-पुकार पर परिजनों के साथ ही आसपास के ग्रामीण मौके पर जुट गए। निवर्तमान प्रधान कमला देवी, आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गईं। इसके बाद गांव के लोगों को पैकेट के दूध का इस्तेमाल करने से मना कर दिया गया। परिजन व ग्रामीण दोनों बच्चों के शव लेकर कब्रिस्तान पर पहुंच गए और जांच की मांग करने लगे। पीएचसी सठियांव के प्रभारी डॉ. बृजेश, डॉ. प्रशांत कुमार राय व अलीम अख्तर मौके पहुंचे और जांच की। शवों का मुआयना करने के बाद डॉ. बृजेश ने फूड प्वाइजनिंग अथवा दम घुटने से बच्चों की मौत होने की आशंका जताई। कहा कि पीएम के बाद ही मौत का मूल कारण ज्ञात हो सकता है। मगर परिजन पोस्टमार्टम कराने को तैयार नही हुए।
लिया दूध का नमूना
आजमगढ़। पाउडर दूध पीने के बाद जुड़वा बच्चों की मौत से हड़कंप मच गया है। बच्चों का शव दफनाने के बाद मुबारकपुर थाना पुलिस व खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम पहुंची। पुलिस ने बच्चों के शव को कब्र से निकाल कर पोस्टमार्टम करने की बात कही लेकिन घर वालों ने साफ मना कर दिया। पुलिस ने कहा दूध की जांच रिपोर्ट आने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा। खाद्य विभाग की टीम दूध का नमूना लेकर जांच को भेजा। खाद्य सुरक्षा अधिकारी डीके राय ने बताया कि आंगनबाड़ी के माध्यम से जो पैकेट का दूध वितरित होता है उस पर लिखा होता है कि छह माह से कम उम्र के बच्चों को इसे न पिलाएं। जिन बच्चों की मौत हुई है वे दो माह के हैं। उन्हें यह दूध नहीं पिलाया जाना चाहिए था। फिर दूध का नमूना जांच के लिए भेजा जाएगा।