मेंहनगर विकास खंड स्थित बाल विकास परियोजना कार्यालय पर तैनात 243 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने शनिवार को ब्लॉक अध्यक्ष प्रमिला यादव के नेतृत्व में बैठक की। आरोप लगाया गया कि स्वघोषित जिलाध्यक्ष हेमा गुप्ता कुछ कार्यकर्ताओं को गुमराह कर संगठन को बदनाम कर रही हैं। हेमा गुप्ता ने मनगढ़ंत आरोप लगाकर अधिकारियों को परेशान करने और सीडीपीओ से पैसे ऐंठने की साजिश रची है। 243 कार्यकर्ताओं में से केवल 10 को ही समस्या है।
ब्लॉक अध्यक्ष ने बताया कि जमकी गांव की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुनीता के पति सरकारी कार्य में बाधा डाल रहे हैं। सीडीपीओ निरुपमा वर्मा ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुनीता और उसके पति खाद्यान्न वितरण में बाधा डाल रहे हैं। इनके खिलाफ थाने में तहरीर दी है।
सुनीता यादव ने बताया कि मार्च का खाद्यान्न जमकी में उपलब्ध नहीं कराया गया था। सीडीपीओ निरुपमा वर्मा से पूछा तो उन्होंने बताया कि खाद्यान्न शासन की मंशा के अनुरूप स्वयं सहायता समूहों को उपलब्ध कराया जाएगा। लेकिन इस बात की जानकारी मुझे नहीं दी गई थी।
प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में हुए चुना गया था जिलाध्यक्ष प्रदेश अध्यक्ष गीतांजलि मौर्या के नेतृत्व में वर्ष 2024 में चुनाव हुआ था। मुझे जिलाध्यक्ष चुना गया है। स्वघोषित जिलाध्यक्ष बनने का आरोप निराधार है, जहां तक बात मेंहनगर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की है तो 243 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं और उसमे से 10 असंतुष्ट हैं तो वो क्यों हैं। इसका जवाब कोई दे। उन्हें कई माह से राशन नहीं दिया गया। इसलिए विरोध प्रदर्शन किया था। मैं उनके हक के लिए लड़ूंगी।- हेमा गुप्ता, जिलाध्यक्ष आंगनबाड़ी कर्मचारी एवं सहायिका एसोसिएशन उप्र.।