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Azamgarh News: प्रधानाचार्य और शिक्षकों के नियम विरुद्ध नियुक्ति का आरोप, प्रभारी डीआईओएस पर प्राथमिकी दर्ज

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आजमगढ़। श्री देवानंद संस्कृत उच्च माध्यमिक विद्यालय, दान शनिचरा रामगढ़ में प्रधानाचार्य और शिक्षकों के नियम विरुद्ध नियुक्ती देने के मामले में मंडलायुक्त ने संयुक्त निदेशक शिक्षा (जेडी) को प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए कहा। उनके निर्देश पर जेडी ने प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) वीरेंद्र प्रताप सिंह के विरुद्ध तहरीर दी। कोतवाल यादवेंद्र ने बताया कि जेडी की तहरीर पर प्रभारी डीआईओएस पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
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जेडी नवल किशोर ने बताया कि विद्यालय में रिंकी यादव (प्रधानाचार्या), प्रियंका (साहित्य विषय) एवं अल्का त्रिपाठी (साहित्य विषय) की स्वीकृति 9 फरवरी को गई। जबकि यह प्रक्रिया नियमों के विपरीत रही। अनुमोदन पत्र पर कार्यालय सहायक के हस्ताक्षर भी नहीं थे और उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद अधिनियम-2000 एवं विनियमावली-2009 का अनुपालन नहीं किया गया। उन्होंने वेतन भुगतान एवं अनुमोदन न करने के संबंध में प्रभारी डीआईओएस से फोन पर बात की थी, इसमें उन्होंने नियुक्ती को दी गई स्वीकृति निरस्त करने की बात कही। इसके बावजूद अनुमोदन पत्र जारी होने का तथ्य सामने आया, इसे बाद में निरस्त किए जाने का प्रयास किया गया।
इस मामले में प्रभारी डीआईओएस से स्पष्टीकरण तलब किया गया इसमें उन्होंने संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय में तैनात प्रधान सहायक विधिचंद यादव पर कूटरचित पत्रावली प्रस्तुत कर गुमराह करने का आरोप लगाया। हालांकि, प्रधान सहायक विधिचंद यादव ने अपने लिखित स्पष्टीकरण में किसी भी प्रकार की भूमिका से इन्कार किया है।
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जांच में पाया गया कि विद्यालय को 2015 में अनुदान में शामिल किया गया था, लेकिन 2016 में अनुदान रोक दिया गया। अनुदान बहाली का प्रकरण अभी शासन स्तर पर विचाराधीन है। इसके बावजूद प्रभारी डीआईओएस ने विद्यालय प्रबंधक के पत्र के आधार पर प्रधानाचार्य व शिक्षकों का अनुमोदन किया, जो उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर बताया गया है। इसे उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली का उल्लंघन माना गया है।
संयुक्त शिक्षा निदेशक ने कहा कि बिना शासन से अनुदान बहाली के निर्णय एवं शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) के अनुमोदन के केवल विद्यालय प्रबंधक के पत्र के आधार पर अनुमोदन किया जाना गंभीर मामला है। इसमें असम्यक लाभ दिए जाने और लिए जाने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। इस पूरे प्रकरण को गंभीर मानते हुए थाना कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कर जांच की कार्यवाही करने की तहरीर दी गई है।
संयुक्त शिक्षा निदेशक की ओर से प्रभारी डीआईओएस के खिलाफ तहरीर दी गई है। इस आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। इसके बाद जांच कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।-यादवेंद्र पांडेय, कोतवाली प्रभारी।
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