आजमगढ़-जौनपुर मुख्य मार्ग पर छत्तीसगढ़ जा रही मजदूरों से भरी प्राइवेट बस अनियंत्रित होकर पुलिया से टकरा गई। इस हादसे में बस में सवार चार दर्जन लोग घायल हो गए। जिसमें सात की हालत गंभीर देख जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना के बाद मौके पर कोहराम मच गया था।
कप्तानगंज थाना क्षेत्र स्थित इंद्रजीत के भट्ठे पर छत्तीसगढ़ के तीन दर्जन भर मजदूर अपने परिवार के साथ रह कर काम कर रहे थे। बरसात का मौसम शुरू होते ही भट्ठा बंद हो गया। भट्ठा मालिक ने मजदूरों का हिसाब कर छुट्टी कर दी। इसके चलते सभी मजदूर एक प्राइवेट बस में सवार होकर सोमवार की सुबह घर जाने के लिए रवाना हुआ। बस ठेकेदार द्वारा इलाहाबाद से मंगाई गई थी।
38 सीटर बस में क्षमता से ज्यादा लोग सवार हुए। तीन दर्जन व्यस्क के अलावा ढाई दर्जन एक से 12 साल तक के बच्चे सवार थे। इसके अलावा बस पर इन सभी के सामान आदि भी लदे हुए थे। ओवरलोड होने के चलते बस बरदह थाना क्षेत्र के बौऊवापार गांव के पास पहुंचते ही अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे स्थित पुलिया की दीवार से जा टकराई।
इस हादसे में बस में सवार चार दर्जन लोग घायल हो गए। घायलों में 30 व्यस्क व 17 बच्चे शामिल थे। घटना से मौके पर कोहराम मच गया। आनन-फानन में स्थानीय लोग मौके पर जुट गए। सूचना पर बरदह थाना पुलिस भी पहुंच गई और घायलों को बस से निकाल कर इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल भेजा गया। जहां डॉक्टरों ने सात की हालत गंभीर देख उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
गंभीर घायलों में 30 वर्षीय बिन्नल, 22 वर्षीय त्रिभुवन, 29 वर्षीय रमेश, 25 वर्षीय बीरबल, 30 वर्षीय शांति प्रसाद, 26 वर्षीया रूमा व 40 वर्षीया लालती शामिल है। एसओ बरदह विनय कुमार मिश्रा ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त बस में सभी सवार छत्तीसगढ़ के निवासी थे और कप्तानगंज स्थित इंद्रजीत के भट्ठे पर काम करते थे।