आजमगढ़। अतरौलिया थाना क्षेत्र के रिथिया गांव निवासी दो भाईयों को छुड़ाने के लिए रविवार को वर्दी में थाने पहुंचे पीआरडी जवान को प्रभारी निरीक्षक ने गाली देकर थाने से भगा दिया। रविवार को दो छोटे भाईयों में विवाद होने पर डॉयल 112 की पुलिस इन्हें थाने लाई थी। इस संबंध में पूछने पर प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि जिन लोगों को थाने में बैठाया गया है। वे लोग पुलिस कंट्रोल में फोन कर झूठी सूचना दिए थे।
पीड़ित कृष्ण देवलाल पीआरडी का जवान है। वह अतरौलिया थाना क्षेत्र के रिथिया गांव का निवासी है। कृष्ण देवलाल के मुताबिक वह सिधारी थाने के समेंदा गांव के पास स्थित रोडवेज के रिजन वर्कशाप पर ड्यूटी करता है। रात को आठ बजे से सुबह आठ बजे तक उसकी ड्यूटी रहती है। पीआरडी जवान के मुताबिक उसके दो छोटे भाई रविवार की सुबह पारिवारिक विवाद के चलते आपस में विवाद कर लिए।
सूचना मिलने पर डायल 112 की पुलिस पहुंची और दोनों भाईयों को हिरासत में लेकर थाने चली गई। ड्यूटी से जब कृष्ण देवलाल घर पहुंचा तो उसे घटना की जानकारी हुई। भाईयों में बड़ा होने के नाते पीआरडी का जवान घरेलू विवाद को आपस में मिल बैठकर सुलझाने के उद्देश्य से थाने पहुंचा और प्रभारी निरीक्षक से दोनों भाईयों को छोड़ने को कहा। कृष्ण देवलाल का आरोप है कि जैसे ही उसने एसओ से अपनी बात कही, वह गुस्से में आग बबूला हो गए और भद्दी-भद्दी गालियां देकर थाने से भगा दिए।
इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक अतरौलिया हिमेंद्र सिंह ने बताया कि कृष्ण देवलाल के भाईयों ने डायल 112 पर पुलिस कंट्रोल रूम में झूठी सूचना दी थी। जिसकी वजह से दोनों को बैठाया गया है। अभद्रता करने का आरोप गलत है।