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14 बसों से लगभग साढ़े चार सौ बच्चे कोटा से लौटे

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रोडवेज पर कोटा से आये छात्र के अभिभावक की थरमल स्कैनिंग करते स्वास्थ्य कर्मी। - फोटो : AZAMGARH
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आजमगढ़। लॉकडाउन के चलते राजस्थान के कोटा में फंसे पढ़ने व तैयारी करने वाले बच्चे रविवार को जिले में पहुंचे। रोडवेज के हाल में सभी बच्चों को रोका गया, जहां स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रैपिड किट के माध्यम से भी बच्चों की स्क्रीनिंग किया। इसके साथ ही उनका नाम-पता आदि भी दर्ज किया गया। स्क्रीनिंग का कार्य पूरा हो जाने के बाद बच्चों को उनके घर भेज कर होम क्वारंटीन करा दिया गया। जिले में 14 बसों से लगभग साढ़े चार सौ बच्चे कोटा से आये है।
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कोटा से बच्चों को लेकर रोडवेज बसों के आने की जानकारी जिला प्रशासन को पहले से ही थी, जिसके चलते पुलिस व प्रशासनिक अमला सुबह से ही रोडवेज पर तैयारियों में जुटा हुआ था। एडीएम वित्त व राजस्व गुरु प्रसाद गुप्ता के नेतत्व में पूरी टीम सुबह से ही तैयारियों में जुटी हुई थी। स्वास्थ्य विभाग की छह टीमें लगी थी। यह टीम थर्मल स्कैनिंग के साथ ही शासन से आये रैपिड किट से सभी बच्चों की जांच कर रही थी। रविवार को सुबह 11 बजे एटा डिपो की पहली बस कोटा में फंसे छात्रों को लेकर जिले में पहुंची। इस बस में कुल 35 बच्चे सवार थे। सभी बच्चों को बस से उतारने के बाद रोडवेज परिसर के प्रथम तल पर स्थित हाल में ले जाकर बैठाया गया। जहां पहले उन्हे नाश्ता आदि कराया और फिर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ब्लाक वार बैठाये गये छात्रों को एक-एक कर बुलाया और उनकी थर्मल स्कैनिंग करने के साथ ही नाम, पता, मोबाइल नंबर आदि नोट किये। इसके साथ साथ ही शासन से भेजे गये रैपिट किट के माध्यम से सभी बच्चों की स्क्रीनिंग की गई। शाम चार बजे तक 8 बसों से ढाई सौ बच्चे जिले में पहुंच चुके थे। सभी बच्चों की पूरी स्क्रीनिंग के पश्चात उन्हें उनके घरों तक भेजने की व्यवस्था जिला प्रशासन ने कर रखी थी। नास्ते के साथ ही बच्चों को लंच पैकेट भी जिला प्रशासन की तरफ से उपलब्ध कराया गया। शासन से भेजे गये आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 14 बसों से कोटा में फंसे 426 बच्चों को आना है। कुछ बसों के देर शाम तक जिले में पहुंचने की संभावना है। जिसे देखते हुए जिला प्रशासन जिन बच्चों की स्क्रीनिंग हो जा रही थी। उन्हें अधिग्रहित किये गये स्कूली व प्राइवेट बसों के माध्यम से उनके घर भेजने की कवायद भी शुरू करा दी गई। देर शाम तक आधे बच्चों को उनके घरों तक पहुंचा कर होम क्वारंटीन करा दिया गया था।
कोटा से लौटे बच्चों की रोडवेज पर ही स्क्रीनिंग करा दी जा रही है। इसके बाद उन्हें उनके घरों पर ही अगले 14 दिनों के लिए होम क्वारंटीन कराया जा रहा है। सभी बच्चे अगले 14 दिनों तक घर पर ही स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में रहेंगे। स्वास्थ्य विभाग की ओर से समय-समय पर इनकी जांच की जाएगी और किसी तरह की समस्या पर उपचार किया जाएगा। सभी बच्चों की जांच रैपिड किट से करायी गई है।
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नागेंद्र प्रसाद सिंह, जिलाधिकारी, आजमगढ़।

कोटा से विभिन्न बसों से रोडवेज पहुंचे छात्र।- फोटो : AZAMGARH

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