आजमगढ़। समूह की महिलाओं को स्वयं द्वारा उत्पादित सामानों की बिक्री के लिए बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार ने विलेज हाट बाजार के निर्माण का निर्णय लिया है। ताकि महिला इस हाट बाजार में खुद द्वारा बनाए गए सामानों की बिक्री कर सकें। इसके लिए जनपद के सभी ब्लाकों में एक-एक विलेज हाट बाजार के निर्माण का निर्णय लिया गया है।
स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को आत्म निर्भर बनाने के लिए सरकार की ओर से तरह-तरह के उपाय किए जा रहे हैं। लेकिन इन महिलाओं के समक्ष सबसे बड़ी समस्या अपने उत्पादों के बिक्री की आती है। इसके लिए इन्हें जिले स्तर का रूख करना पड़ता है। जिसके कारण बहुत से समूह कुछ दिन संचालित होने के बाद बंद भी हो जाते हैं। ऐसे में सरकार ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को बाजार उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए शासन ने विलेज हाट बाजार के निर्माण का निर्णय लिया है। जिसके तहत जिला प्रशासन की ओर से जनपद के 22 ब्लाकों में एक-एक विलेज हाट बाजार की स्थापना करने का निर्णय लिया है। एक विलेज हाट के निर्माण पर तीन से चार लाख रुपये की लागत आएगी। इस पैसे से ब्लाक क्षेत्र की बाजारों में दो से तीन सेड लगाए जाएंगे। इन सेडों में शौचालय, प्रकाश और वायर फिनिशिंग का कार्य कराया जाएगा। ताकि इस बाजार में आने वाली स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इस विलेज हाट बाजार में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के साथ ही विभिन्न गांवों किसान भी अपने सामानों की बिक्री कर सकते हैं। एक जनवरी को एक विलेज हाट का शिलान्यास कर डीएम स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को नए साल का तोहफा देंगे।
स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के साथ ही स्थानीय किसानों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए विलेज हाट बाजार का निर्माण कराया जा रहा है। जहां यह लोग अपने द्वारा उत्पादित सामानों की बिक्री कर सकेंगे।
बीबी सिंह, डीसी मनरेगा।
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वेंडरों को जारी होगा डिजिटल पहचान पत्र
समूूह बनाकर मुद्रा योजना के तहत लोन दिलाने की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
आजमगढ़। ठेला और खोमचा वालों को सड़कों से हटाकर बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शासन के निर्देश पर इन्हें वेंडर जोन में दुकानें लगाने के लिए 11 स्थान चिन्हित किए गए हैं। चिन्हित 1290 वेंडरों की डिजिटल मैपिंग कार्य शुरू कर दिया गया है। इस मैपिंग के बाद वेंडरों को डिजिटल पहचान पत्र जारी किए जाएंगे। इन वेंडरों का समूह बना बैंक से लोन दिलाकर इनके रोजगार बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया है।
शहर को जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने और ठेला खोमचा वालों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए डीएम एनपी सिंह के निर्देश पर पीओ डूडा एक पांडेय द्वारा 11 वेंडर जोन स्थापित करने के लिए स्थान चिन्हित किए गए हैं। जिसकी सूची तैयार कर ईओ नगरपालिका, एसपी यातायात और तहसीलदार सदर को उपलब्ध करा दी गई है। ताकि वह भी इन चिन्हित जगहों का परीक्षण कर सकें। इनकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी। वहीं पीओ डूडा की ओर से नगर क्षेत्र में 1290 वेंडर चिन्हित किए गए हैं। उनके द्वारा इनकी डिजिटल मैंपिंग का कार्य शुरू कर दिया गया है। जिसके लिए उनसे आधार कार्ड लेकर उनकी फीडिंग की जा रही है। जिसके आधार पर इन वेंडरों को डिजिटल पहचान पत्र जारी किया जाएगा। इसके बाद शहर में ठेला और खोमचा वाले दिखाई नहीं देंगे। इनकी अलग से बाजार होगी। इन्हें चिन्हित जगहों पर ले जाकर बाजार लगवाई जाएगी। साथ ही इन लोगों का समूह बनाकर रोजगार बढ़ाने के इच्छुक लोगों को सरकार द्वारा संचालित मुद्रा योजना से लोन दिलाया जाएगा।
चिन्हित वेंडर स्थलों की सूची
- जेल के सामने बंधे पर, पीपल के पेड़ से हास्टल मोड़ तक।
- जेल बाउंड्री से उत्तर पानी टंकी।
- शिब्ली कालेज चौराहे के आगे श्री कृष्ण पाठशाला से विशाल स्वीट हाउस तक।
- शनिदेव मंदिर से रोड पर पूरब साइड कालीनगंज।
- दुर्गा मंदिर से एलआईसी बिल्डिंग तक रोड से पूरब रैदोपुर।
- सिधारी तिराहा से मऊ रोड पर।
- हाइडिल चौराहा से सिधारी रोड तक।
- नरौली चौराहे से नदी की तरफ एस मार्ट तक।
- रेलवे बाउंड्री से सटे हुए।
- बवाली मोड़ से रोडवेज तक बाई तरफ।
- रोडवेज स्टैंड से मंदिर तक।
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चिन्हित जगहों की सूची ईओ नगरपालिका, तहसीलदार सदर और एसनपी यातायात को उपलब्ध करा दी गई हे। उनकी जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी। लेकिन उससे पहले चिन्हित किए गए 1290 वेंडरों की डिजिटल मैपिंग का कार्य शुरू कर दिया गया है। जल्द ही इन्हें डिजिटल पहचान पत्र उपलब्ध कराया जाएगा। इच्छुक लोगों का समूह बनाकर मुद्रा योजना के तहत लोन भी दिलाया जाएगा।
एके पांडेय, पीओ डूडा।