प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने आजमगढ़ में सपा विधायक और पार्टी कार्यकर्ता के बीच हुई मारपीट को लेकर समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला।
सोमवार को निरीक्षण भवन में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि सपा में अब सिद्धांत और विचारधारा की लड़ाई नहीं रह गई है, बल्कि ठेकेदारी और कमीशन को लेकर आपसी संघर्ष चल रहा है।
राजभर ने आजमगढ़ के गोपालगंज में सपा विधायक नफीस अहमद और पार्टी के बूथ अध्यक्ष के बीच सर्वे को लेकर हुई मारपीट का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच ठेकेदारी को लेकर विवाद की स्थिति है।
उन्होंने दावा किया कि कार्यकर्ता 35 प्रतिशत कमीशन को लेकर आपस में ही भिड़ रहे हैं कि ठेका कौन करेगा। उन्होंने सपा की स्थिति पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी के लिए ‘विनाश काले विपरीत बुद्धि’ वाली कहावत चरितार्थ हो रही है।
आजमगढ़ की घटना के संबंध में उन्होंने कहा कि पीड़ित की शिकायत और सामने आए वीडियो फुटेज के आधार पर पुलिस कार्रवाई करेगी।
सहारनपुर में मस्जिद के ध्वस्तीकरण पर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की ओर से सरकार पर संविधान और न्यायपालिका की अवहेलना के आरोपों पर राजभर ने कहा कि सरकार ने न्यायालय के आदेश का पालन किया है।
इनसेट-
सपा की गुंडई खत्म करने आया हूं : राजभर
अतरौलिया। देउपुर बाजार स्थित मैरिज हॉल में सोमवार को सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी की ओर से समरसता संगोष्ठी आयोजित की गई। इसमें गौड़ समाज के लोगों को अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया गया। मुख्य अतिथि मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने सपा, बसपा और कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इन दलों को वोट देने के बावजूद गौड़ समाज को उसका अधिकार नहीं मिला। उन्होंने दावा किया कि वह आजमगढ़ को सभी जातियों का गढ़ बनाकर ही दम लेंगे। सपा पर हमला बोलते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि उसके नेताओं की गुंडई और जमीनों पर कब्जे की राजनीति अब खत्म होगी। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लखपति दीदी योजना के माध्यम से रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही है। विशिष्ट अतिथि पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अरुण राजभर ने कहा कि अतरौलिया विधानसभा क्षेत्र में करीब 25 हजार गौड़ समाज के लोग हैं और समाज अब बदलाव के मूड में है। कार्यक्रम में राकेश कुमार गौड़, अर्जुन गौड़, अशोक कुमार गौड़, विजय गौड़, संतराम, रामप्रवेश गौड़, रमेश गौड़ और भीम गौड़ समेत बड़ी संख्या में समाज के लोग और महिलाएं मौजूद रहीं। संवाद