सरायमीर क्षेत्र के उपभोक्ताओं को जल्द लो वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या से निजात मिलेगी। पेंड्रा गांव में 7.60 करोड़ की लागत से नया 33/11 उपकेंद्र बनाने की शासन ने मंजूरी दे दी है। वर्तमान समय में उपकेंद्र सरायमीर से क्षेत्र के गांवों में बिजली की आपूर्ति की जा रही है। यहां से छह फीडर टाउन-1, टाउन-2, टाउन-3, हसनपुर, बस्ती और कोरौली निकले हुए हैं। एसडीओ संदीप चंद्रा ने बताया कि इन फीडरों से 107 गांवों को जोड़ा गया है। क्षेत्र में उपभोक्ताओं की संख्या लगभग 15 हजार है। लंबा क्षेत्र होने के कारण खासकर गर्मी के दिनों में उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ओवरलोड के कारण लो वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या बनी रहती है। इसका असर घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यापारियों पर भी पड़ता है। सरायमीर क्षेत्र में लंबे समय से दूसरा उपकेंद्र बनाने की मांग चल रही थी। इसके लिए पेंड्रा गांव में जमीन भी चिह्नित कर ली गई थी। उस जमीन पर नया उपकेंद्र बनाने के लिए 7.60 करोड़ का प्रस्ताव तैयार कर निगम ने भेजा था, जिसको शासन ने मंजूरी दे दी है।
पांच हजार उपभोक्ता होंगे अलग
उपकेंद्र के एसडीओ संदीप चंदा ने बताया कि पेंड्रा में उपकेंद्र के लिए जमीन पहले ही चिह्नित हो चुकी है। बनने के बाद नए उपकेंद्र से सरायमीर उपकेंद्र के लगभग पांच हजार उपभोक्ताओं को जोड़ा जाएगा। इससे दोनों उपकेंद्रों पर लोड कम होगा और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिल सकेगी।
सरायमीर क्षेत्र में नया उपकेंद्र बनाने की मांग लंबे समय से चल रही थी। जमीन मिलने के बाद 7.60 करोड़ का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया था। जिसे शासन ने मंजूरी दे दी है। बहुत जल्द ही उपकेंद्र का निर्माण शुरू होगा।
- संदीप चंद्रा, उपखंड अधिकारी सरायमीर।