आजमगढ़। रोडवेज बसों के चालकों और परिचालकों की आंखों व स्वास्थ्य की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। अंधता निवारण कार्यक्रम के तहत आयोजित स्वास्थ्य जांच शिविर में अब तक 75 चालक और परिचालक ऐसे मिले हैं जिन्हें चश्मा लगाने की जरूरत है।
रोडवेज परिसर में आयोजित शिविर के पहले दिन सोमवार को 72 चालकों और परिचालकों की आंखों की जांच की गई, इसमें 43 चालकों की दृष्टि कमजोर पाई गई। इसके अलावा, 8 चालक उच्च रक्तचाप (बीपी) के मरीज पाए गए, जिन्हें एक सप्ताह के लिए आराम करने के लिए घर भेज दिया गया। वहीं दूसरे दिन मंगलवार को रोडवेज परिसर में 67 और लोगों की जांच हुई, जिसमें 32 चालकों को चश्मा लगाने की सलाह दी गई और 8 अन्य बीपी के मरीज पाए गए। जिन्हें एक हफ्ते आराम की सलाह दी गई।
यह स्थिति यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही है। कमजोर दृष्टि वाले चालक सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों को स्पष्ट देखने में असमर्थ हो सकते हैं, जिससे दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित स्वास्थ्य और नेत्र जांच से ऐसी समस्याओं को समय रहते पहचाना जा सकता है।
स्वास्थ्य शिविर में शामिल चिकित्सक ने बताया कि कमजोर दृष्टि का मुख्य कारण लंबे समय तक उचित देखभाल की कमी, डायबिटीज, और ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियां हैं। चालकों को चश्मा पहनने और नियमित जांच कराने की सलाह दी गई। आरएम मनोज वाजपेयी ने बताया कि दो दिन से लगातार चालकों और परिचालकों की जांच कराई जा रही है। जिनको चश्मे की जरूरत है उन्हें मुफ्त में चश्मा दिलाया जाएगा। अभी बुधवार को भी यह शिविर जारी रहेगा।