कस्बा निवासी अधेड़ वीरेंद्र दूबे की गुरुवार की रात संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उसकी लाश कमरे में फांसी से लटकती पाई गई। शुक्रवार सुबह घटना की जानकारी होने पर वीरेंद्र के बेटे ने सौतेली मां समेत पांच लोगों के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। घटना का कारण जमीनी विवाद बताया जा रहा है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लाश पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फरार दो आरोपियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।
मेंहनगर थाना क्षेत्र के पटना अहियाई गांव निवासी वीरेंद्र दूबे (56) पुत्र अवधनारायण की पहली शादी गीता देवी से हुई थी। गीता से एक बेटा और तीन बेटियां हैं। दस वर्ष पूर्व वीरेंद्र ने दूसरी शादी शोभा पांडेय से की थी। देवगांव कोतवाली क्षेत्र के कोटा गांव निवासी शोभा पांडेय से कोई औलाद नहीं है। शोभा स्वास्थ्य विभाग में एएनएम थी और कुछ माह पूर्व रिटायर हो गई। वीरेंद्र की संपत्ति को लेकर अक्सर परिवार में झगड़ा होता रहता था। वीरेंद्र के बेटे प्रभात दूबे का आरोप है कि गुरुवार को उसकी सौतेली मां शोभा देवी लालगंज तहसील में जाकर अपनी पूरी जमीन देवगांव कोतवाली के कोटा गांव निवासी अपने देवर के बेटे को वरासत कर दी। रात को वीरेंद्र और शोभा एक कमरे में सोई थी।
जबकि अन्य लोग अलग-अलग कमरे में सो रहे थे। शुक्रवार की सुबह उठने पर लोग वीरेंद्र की लाश कमरे में फांसी से लटकता हुआ देख दंग रह गए। बेटे प्रभात का कहना है कि उसके पिता का दोनों हाथ काम नहीं कर रहा था। वह दोनों हाथ से वजनी सामान नहीं उठा सकते थे, न ही हाथों से कोई जटिल काम नहीं कर सकते थे। ऐसे में इतनी ऊंचाई पर फंदा बांधना और फांसी लगाना उनके लिए संभव नहीं था। वीरेंद्र की लाश जमीन से करीब चार फुट ऊंचाई पर थी।
उसने तहरीर में आशंका जताई है कि पिता की हत्या कर लाश लटकाई गई है। सूचना मिलने पर मेंहनगर थाने की पुलिस पहुंची। प्रभात की तहरीर के आधार पर वीरेंद्र की दूसरी पत्नी शोभा देवी, उसके भाई राजेंद्र, उषा, टोनू और रीना के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर लाश पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सीओ लालगंज श्यामनरायन ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह पता चल सकेगा कि मामला हत्या का है या आत्महत्या का। पुलिस ने प्रभात की तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर शोभा, राजेंद्र और उषा को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि टोनू और रीना की तलाश की जा रही है।