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दायित्वों में लापरवाही पर एक प्रधानाध्यापक निलंबित

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आजमगढ़। दायित्वों का निर्वहन न करने पर जहां एक प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया गया है तो वहीं दो परिषदीय विद्यालयों के सभी कर्मियों का वेतन अवरूद्ध करने का उन्होंने निर्देश दिया।
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खंड शिक्षाधिकारी पवई की आख्या पर बीएसए ने प्रावि गुमकोठी पर बतौर प्रधानाध्यापक घनश्याम यादव को निलंबित करने का आदेश जारी किया। प्रधानाध्यापक का निलंबन उनकी लापरवाही के चलते किया गया है। जांच आख्या में पाया गया है कि दो अतिरिक्त कक्ष में अब तक दरवाजा-खिड़की नहीं लगे है। विद्यालय में निरीक्षण के दौरान पिछले वर्ष ही वायरिंग का कार्य पूर्ण कराने का निर्देश हुआ था, जिसका अनुपालन अब तक नहीं हुआ है। वहीं जो वायरिंग का कार्य कराया भी गया है वह घटिया किस्म का है। 17 अक्टूबर 2019 के बाद एमडीएम रजिस्टर में कोई प्रविष्टि ही अंकित नहीं पायी गई। नामांकित 79 बच्चों के सापेेक्ष मात्र 31 बच्चे उपस्थित पाये गये। एसडीआई की इस आख्या पर ही प्रधानाध्यापक पर निलंबन की कार्रवाई हुई है। निलंबन की अवधि में वे बीआरसी पवई से संबद्ध रहेंगे। इसके साथ ही एसडीआई मुख्यालय को जांच अधिकारी नामित करते हुए 15 दिनों में जांच आख्या मांगी गई है। इसी क्रम में एसडीआई पवई की आख्या पर बीएसए नते पूमावि मकसूदिया के प्रधानाध्यापक समेत समस्त स्टाफ का वेतन व मानदेय तत्काल प्रभाव से अवरूद्ध करने का निर्देश दिया। प्रधानाध्यापक का वेतन अन्य शिक्षकों व स्टाफ पर नियंत्रण न होने और अन्य स्टाफ का वेतन बिना अनुमति अक्सर ही विद्यालय से अनुपस्थित रहने पर की गई है। वहीं एसडीआई कोयलसा की आख्या पर प्रावि मरगूबपुरके सभी कर्मियों का वेतन अवरूद्ध करने का बीएसए ने निर्देश दिया।
आजमगढ़। बीएसए देवेंद्र कुमार पांडेय ने महराजगंज के प्रवि बांसथान की प्रधानाध्यापिका समेत एक सहायक अध्यापक का वेतन रोक दिया है। इन दोनों पर उपस्थिति पंजिका में कूटरचना कर अनुपस्थिति की तिथि का भी वेतन आहरित करने का आरोप है। बीएसए ने जांच कर प्रधानाध्यापिका व शिक्षक के उपस्थिति का सही अंकन कर अतिरिक्त लिये गये वेतन का समायोजन करने का भी निर्देश दिया है।
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खंड शिक्षाधिकारी महराजगंज ने अपनी आख्या में बीएसए को बताया कि एबीआरसी चंद्रप्रकाश 22 अक्टूबर को प्रावि बांसथान पर औचक निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। विद्यालय पर मात्र शिक्षामित्र उपस्थित मिली थी। प्रधानाध्यापिका शबाना बेगम 16 से 22 तक व सहायक अध्यापक रमेश 21 व 22 अक्तूबर को अनुपस्थित मिले। उपस्थिति पंजिका के अवलोकन में कई स्थानों पर इंक रिमूवर लगाकर हस्ताक्षर किया हुआ पाया गया। अक्टूबर की मासिक उपस्थिति वेतनावली में दोनों अध्यापकों ने पूरे माह की उपस्थिति दर्शाया है जबकि उपस्थिति पंजिका में वे अनुपस्थित है। बीएसए ने बताया कि सहायक अध्यापक रमेश का अभिलेख फर्जी होने के कारण जांच में है, जिसके कारण उनका वेतन पहले से ही बाधित है और इसके खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराई जा चुकी है। ऐसे में प्रधानाध्यापिका का वेतन तत्काल प्रभाव से रोकते हुए जांच कर इनके द्वारा अनुपस्थिति तिथि के लिए गये वेतन को समायोजित करने का निर्देश दिया गया।
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