आजमगढ़। एडी बेसिक कार्यालय की ओर से बिना जांच के ही डॉ. भीमवराव अंबेडकर आगरा विवि से फर्जी बीएड की डिग्री हासिल कर नौकरी पाने वाले सही शिक्षकों को भी फर्जी बताने के मामले की पोल अब खुलती नजर आ रही है।
इसके साथ ही मामले का ठीकरा आदेश तैयार करने वाले संविदा के बाबू पर फोड़ने की पूरी तैयारी कर ली गई है। उधर, गलत आदेश पर भी सेवा समाप्ति के लिए कारण बताओ नोटिस जारी होने से सही शिक्षक मारे-मारे फिर रहे हैं।
आगरा विवि से वर्ष 2005 में बीएड की फर्जी डिग्रियां जारी करने का मामला पकड़ में आने के बाद सचिव बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से फर्जी डिग्री के आधार पर शिक्षक बने लोगों को चिह्नित सेवा समाप्त करने और विधिक कार्रवाई के आदेश दिए थे।
एडी बेसिक कार्यालय ने बिना मिलान के ही 10 मंडल के 29 शिक्षकों को फर्जी बता दिया। सही शिक्षकों को फर्जी बताने की शिकायत जिलाधिकारी और कमिश्नर के साथ ही एडी बेसिक करने के बाद भी एडी बेसिक योगेंद्र कुमार की ओर से अपने आदेश को सही बताया जाता रहा। कमिश्नर के रविंद्र नायक से भी शिक्षकों को मायूसी ही हाथ लगी।
इस बीच प्रभावित शिक्षकों ने सचिव के पास जाने की बात कही तो मामले की परतें खुलने लगी है। दबीं जुबां से एडी बेसिक कार्यालय की ओर से भी कबूला जाने लगा है कि आदेश में सही डिग्री वाले शिक्षक शामिल हैं। अब मामले में ठीकरा रिपोर्ट तैयार करने वाले संविदा के बाबू मनोज श्रीवास्तव पर फोड़ने की तैयारी हो रही है।
बुधवार को साक्ष्य मिलने के बाद कमिश्नर कार्यालय की ओर से एडी बेसिक कार्यालय से जानकारी ली गई थी तो ऐसी बातें सामने आईं।