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कोहरे के साथ फिर गिरा पारा

Fri, 25 Jan 2013 05:30 AM IST
Azamgarh
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आजमगढ़। कुछ दिन की राहत के बाद फिर लौटी ठंड में पारा लुढ़क गया। गुरुवार को शीतलहर से जनजीवन कांप उठा। रोडवेज, रेलवे स्टेशन और टैक्सी स्टैंडों पर यात्रियों को दुश्वारियां का सामना करना पड़ा। शहर में नगर पालिका प्रशासन ने अलाव जलाए जाने से हाथ पीछे कर लिए हैं, इससे रिक्शा चालकों और दिहाड़ी मजदूरों की मुसीबत और बढ़ गई है। जबकि गलन बढ़ने से गुरुवार को लोग घरों में दुबके रहे, जरूरी काम से ही बाहर निकले। लोगों के कम निकलने से सड़कों पर जहां सन्नाटा पसरा रहा, वहीं स्कूल-कालेजों को जाते हुए बच्चे कांपते दिखे।
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नए साल पर शीतलहर ने गरीबों पर कहर बरपा। ठंड के चपेट में आने से दो दर्जन अधिक जाने चली गईं। 15 जनवरी के बाद कोहरे का प्रकोप छटते ही लोगों ने राहत की सांस लेने शुरू की थी। इस बीच बुधवार से यकायक मौसम में फिर परिवर्तन आया। कोहरे की चादर छाने के साथ ही तापमान लुढ़क गया, जन-जीवन कोहरे की मोटी चादर में सिमट गया। गुरुवार को भोर से ही कोहरे के प्रकोप से हर कोई ठिठुरा रहा। दोपहर बारह बजे तक आसमान में बदली छाई रही। इस दौरान सड़कों पर पूरी तरह सन्नाटा पसरा रहा। दिहाड़ी मजदूर और रिक्शा चालक जहां-तहां ठिठुरे पड़े रहे। सरकारी कार्यालयों और स्कूल खुलने के समय थोड़ी बहुत चहल पहल नजर आई। दोपहर बाद लगभग चार बजे से फिर सड़कों पर सन्नाटा छाने लगा। ठंड के कारण सरकारी कार्यालयों में अधिकारी और कर्मचारी देर से पहुंचे।
ठंड से कंपकंपी में सही से हाथ भी काम नहीं कर रहे थे। कहीं दफ्तरों में हीटर की गरमी ली जा रही थी, तो कहीं बाहर चाय की भट्टी पर कर्मचारी चाय की चुस्की केसाथ आग तापते दिखे। रोडवेज, ,रेलवे स्टेशन और नरौली, ब्रह्मस्थान, हर्रा की चुंगी, बिलरिया की चुंगी, सिधारी हाइडिल आदि टैक्सी स्टैंड आदि सार्वजनिक स्थानों पर अलाव न जलाए जाने से यात्रियों की सांसत होती रही। इधर जिला अस्पताल और महिला अस्पताल के पास भी मरीजों के तीमारदार भी ठंड से कांपते रहे।
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