आजमगढ़। दुष्कर्म के जुर्म में नामजद दो आरोपियों को अदालत ने दोषी पाते हुए दस वर्ष की कैद के साथ अर्थ दंड की सजा सुनाई। यह सजा अपर सत्र न्यायाधीश शैलेश कुमार तिवारी ने ऊभय पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद दिया। घटना मुबारकपुर थाना क्षेत्र के रानीपुर गांव की है।
रानीपुर गांव निवासी एक किशोरी के संग वर्ष 2009 में 29 सितंबर को कुछ लोगाें ने जबरदस्ती करते हुए मुंह काला किया था। इस मामले में दुष्कर्म की शिकार किशोरी के पिता ने स्थानीय थाने में दो लोगाें के विरुद्ध नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। घटनाक्रम के अनुसार उसकी पुत्री खेत में चारा काट रही थी। गांव का कामांध उमेश पुत्र मखराज और रानी की सराय थाने के कोटवा निवासी युवक सोनू पुत्र रामअवध, जो अपने नाना के घर रहता है, दोनों ने मिलकर किशोरी के साथ दुष्कर्म किया था। पुलिस ने विवेचना कर नामजद आरोपियों के विरुद्ध कोर्ट में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। सत्र परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से पैरवी कर रहे सहायक शासकीय अधिवक्ता अखिलेश कुमार मिश्र और अवधेश कुमार ने इस मामलेे के वादी और पीड़िता सहित कुल छह गवाहों को अदालत में पेश किया। साथ ही अपने तर्कों को भी रखा। अभियोजन और बचाव पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने नामजद दोनों आरोपियों को दोषी पाया। साथ ही दोनों पर सजा का निर्धारण किया। आरोपियों पर कोर्ट ने पांच-पांच हजार रुपये का अर्थ दंड भी निर्धारित किया गया।