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भारत का उज्ज्वल भविष्य ही जीवन का मकसद

Sun, 13 May 2012 12:00 PM IST
Azamgarh
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आजमगढ़। भारत के उज्ज्वल भविष्य ही मेरा लक्ष्य है, इसके लिए मेरी कवायद अनवरत जारी रहेगी। लक्षिरामपुर स्थित वेदांता हास्पिटल के उद्घाटन के अवसर पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने उक्त बातें कहीं। इसके बाद वह पालिटेक्निक के ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में बच्चों से रूबरू होते हुए जीवन की सफलता के टिप्स दिए।
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निर्धारित कार्यक्रम के समय से पूर्व राष्ट्रपति डा.एपीजे अब्दुल कलाम जिले के सर्किट हाउस में तो पहुंच गए। लेकिन वहां से लक्षिरामपुर स्थित वेदांत हास्पिटल पर उनका काफिला 45 मिनट विलंब से पहुंचा। अस्पताल का उद्घाटन करने के बाद श्री कलाम मौजूद डाक्टरों और स्टाफ से परिचय प्राप्त कर आईसीयू में भर्ती मरीजों से मिले। इस दौरान चलते-चलते वार्ता के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि इस सारी कवायदों के पीछे उनका मकसद सिर्फ देश की उन्नति और उज्ज्वल भविष्य की कामना है।
यहां से पालिटेक्निक ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर श्री कलाम बच्चों से रूबरू हुए। करीब आधा घंटे से ज्यादा बच्चों के बीच बिताने के बाद श्री कलाम दूसरे पंडाल में उमड़ी भीड़ के बीच भी पहुंचे। अपने संबोधन में उन्होंने जनपद को दो महान साहित्यकारों की धरती बताया। श्री कलाम ने अपने संबोधन में कहा कि राहुल सांकृत्यान भारत के सबसे बड़े घुमक्कड़ों में से एक थे। इन्होंने अपने जीवन काल के 45 वर्ष सिर्फ भ्रमण कर ज्ञान का अर्जन करने में बिताया। इसके कारण आज उन्हें ‘महान पंडित’ कहा जाता है।
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श्री कलाम ने स्पष्ट किया कि वे राहुल जी की वोल्गा से गंगा का अनुवाद पढ़ा है। इसमें उन्होंने वोल्गा नदी के किनारे से हिंदूकुश पहाड़ पार करते सिंधु मैदानों में आर्यों के आकर बसने का वर्णन किया है। जो अद्भुत परिकल्पना है। कैफी आजमी के बारे में उन्होंने कहा कि श्री आजमी 20वीं सदी के महानतम उर्दू शायरों में से एक थे। वे 1942 के भारत छोड़ों आंदोलन के दौरान फारसी और उर्दू की पढ़ाई छोड़ स्वतंत्रता संग्राम के आंदोलन में कूद पड़े थे। इतना ही नहीं उन्होंने सामंती व्यवस्था का पूरजोर विरोध भी किया। श्री आजमी ने ही सर्वहारा के शोषण का मुद्दा भी उठाया। 1962 की लड़ाई में उनके गीत कर ‘कर चले हम फिदा जोश’ भर देता है। अंत में उन्होंने जिले के जुलाहों का भारत की आत्मा के सच्चे स्वरूप की संज्ञा दी। साथ ही उन्हें सलाम किया। कहा कि गरीबों के लिए काम करने वाले इन गरीबों का अभिनंदन है। आखिर में उपस्थित लोगों को उन्होंने शपथ दिलाया। इसमें पेड़ लगाने से लेकर बच्चियों के विकास में कोई भेदभाव न होना शामिल है।
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