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टूटे सपने : रियाल कमाने में गए जेल

Fri, 14 Mar 2014 05:30 AM IST
Azamgarh
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आजमगढ़। रियाल कमाने की चाह में घर छोड़ विदेश की राह पकड़ने वाले जिले के करीब एक दर्जन युवक धोखाधड़ी का शिकार होकर खाड़ी देश रियाद की जेल में पहुंच गए हैं। सपने टूटे तो अपने स्तर से हाथ पांव चलाने के बाद युवक अब घरवालों को सूचना देने लगे हैं। दूसरी तरफ बेटे, पति के विदेश की जेल में बंद होने की सूचना मिलने पर बेबस परिवार के लोग काफी परेशान हैं। उन्हें यह भी नहीं पता कि अपने घरवालों को वतन लाने के लिए वे कहां, किससे गुहार लगाएं। फिर भी लोग जिले के अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दे रहे हैं। सऊदी जेल में बंद अमरनाथ की माने तो उसकी मदद भारतीय दूतावास भी नहीं कर रहा है।
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जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के दाउदपुर गांव निवासी रेखचंद राजभर वर्ष 2010 में क्षेत्र के एक एजेंट के माध्यम से सऊदी अरब गया था। वहां जा कर उसे पता चला कि वह धोखाधड़ी का शिकार हो चुका है। उसे दूसरे काम का वीजा देकर एजेंट ने विदेश भेजा था, इस बात की जानकारी होने पर कफिल(नियोक्ता) उसे दूसरे कामों में लगा दिया। बाद में रुपया मांगने पर उसने शिकायत कर उसे जेल भेजवा दिया। बुधवार को रेखचंद की पत्नी रीना देवी ने एसपी को प्रार्थना पत्र देकर पति को वापस बुलाने के लिए गुहार लगाई। इसीक्रम में सउदी के रियाद की जेल में बंद अहरौला थाना क्षेत्र के खोरासो चक्साकाफी गांव निवासी दिलशाद पुत्र सरदार का कहना है कि वह 17 जुलाई 2013 को सऊदी पहुंचा। उसका मालिक उसे पगार नहीं दे रहा था। पगार मांगने पर उससे विवाद कर मालिक ने उसे जेल भेजवा दिया। दिलशाद चार भाइयों में दूसरे नंबर पर है। सभी अलग रहतें है। उसकी छह संतानों में तीन पुत्र तीन पुत्रियां है। उसकी पत्नी रैसुननिशा ने बताया कि परिवार की माली हालत सुधारने के लिए पति विदेश गए थे। तीन दिन पहले उनके जेल में बंद होने की सूचना मिली। बकौल रैसुन वह किसके पास जाकर गुहार लगाए। रैसुन पढ़ी लिखी नहीं है।
बिलरियागंज थाना क्षेत्र के पिपरहां गांव निवासी व रियाद की जेल में बंद अमरनाथ यादव पुत्र रामअवध यादव ने तो इस बात की सूचना परिवार के लोगों को दी भी नहीं है। उसने किसी तरह फोन कर अमर उजाला को बताया कि आजमगढ़ के करीब एक दर्जन से अधिक युवक इस जेल में बंद हैं। अपने बारे में बताया कि उसका मालिक उसे पगार नहीं दे रहा था। कड़े शब्दों में बात करने पर उसने उसे जेल भिजवा दिया । उधर, घर पर संपर्क करने पर उसके पिता और पत्नी ने कहा कि उन्हें अमरनाथ के जेल में होने की जानकारी नहीं है। इस सूचना के बाद अमरनाथ के पिता तुरंत प्रार्थना पत्र तैयार कराकर डीएम को देने के लिए घर से रवाना हो गए। चार भाइयों में दूसरे नंबर का अमरनाथ दो बच्चों का पिता है। एसपी अनंद देव ने बताया कि कहीं भी जाने के लिए हर कोई स्वतंत्र है। सऊदी की जेल में वह किस आरोप में बंद हैं। इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। इस मामले में पुलिस कुछ नहीं कर सकती। जो भी कार्रवाई की जाएगी, वह विदेश मंत्रालय स्तर से होगी।
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