लाटघाट। सगड़ी तहसील में घाघरा तीसरे दिन बुधवार को भी बढ़ाव पर रही। 24 घंटे में जलस्तर में छह से 12 सेमी. बढ़ोतरी दर्ज की गई। बदरहुआ और डिघिया गेज पर जलस्तर खतरे के निशान से 10 और 45 सेमी. ऊपर पहुंच जाने से बाढ़ से घिरे लगभग 50 गांवों में हड़कंप है। बाढ़ की जद में आए 24 परिषदीय विद्यालयों को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है। इस बीच तहसील प्रशासन ने बचाव और राहत के नाम पर 12 गांवों में 14 नावों को लगाया है।
सोमवार से खतरे के निशान से ऊपर बह रही घाघरा के जलस्तर में वृद्धि तीसरे दिन बुधवार को भी जारी रही। बुधवार की शाम तक बदरहुआ गेज पर 71.78 मीटर जलस्तर रिकार्ड किया गया, जो खतरा बिंदु 71.68 मीटर से 10 सेमी. ऊपर है। जबकि डिघिया गेज पर 70.85 मीटर रिकार्ड किया गया, जो खतरे के निशान 70.40 मीटर से 45 सेमी. ऊपर है।
जलस्तर में लगातार बढ़ाव से चक्की हाजीपुर, भदौरा मकरंद, नैनीजोर, मानिकपुर, रोशनगंज, हैदराबाद सहित लगभग पचास गांव टापू में तब्दील हो गए हैं। बाढ़ से घिरे प्राथमिक विद्यालय चक्की हाजीपुर, देवारा खास राजा प्रथम, द्वितीय, बगहवा, अचलनगर, अराजी अजगरा मगरबी प्रथम, द्वितीय, बाका बूढ़नपट्टी, झंझनपुर, भदौरा मकरंद, सोनौरा, अभनपट्टी, रोशनगंज, इस्ताइलपुर, परसिया और उच्च प्राथमिक विद्यालय देवारा खास राजा, अचलनगर, कन्या पूर्व माध्यमिक अजगरा मगरबी, बाका बूढ़नपट्टी, अभनपट्टी, रोशनगंज, इस्माइलपुर, सोनौरा विद्यालय को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है। खंड शिक्षा अधिकारी देवेश कुमार राय ने बताया कि बाढ़ प्रभावित बंद किए गए विद्यालयों के अध्यापकों को दूसरे गांव के विद्यालयों से अटैच कर दिया गया है।
इधर , बाढ़ को देखते हुए तहसील प्रशासन ने बुधवार की सुबह चक्की में पांच, हाजीपुर, शाहडीह, भदौरा, भदौरा मकरंद, मानिकपुर में एक-एक और देवारा खास राजा गांव में तीन नावों की व्यवस्था की है। जबकि कई अन्य गांवों में भी सरकारी नाव की मांग की जा रही है। एसडीएम ने विनोद गौड़ ने बताया कि अभी तक 12 गांव ही बाढ़ से पूरी तरह प्रभावित हैं, वहां आने-जाने के लिए 14 नावें लगाई गई हैं।