जनपद की चार तहसीलों से होकर गुजरने वाले गुजरने वाले पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के निर्माण के दौरान मिट्टी ढुलाई करते समय ग्रामीण क्षेत्र की 99 सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई। जिसका खामियाजा ग्रामीण अब तक भुगत रहे हैं। लेकिन अब इन सड़कों का पुर्ननिर्माण किया जाएगा। इसके लिए पीडब्ल्यूडी और यूपीडा की संयुक्त टीम द्वारा सर्वे का कार्य कर लिया गया है। पीडब्ल्यूडी द्वारा पुर्ननिर्माण पर खर्च होने वाले धन का स्टीमेट तैयार कर यूपीडा को उपलब्ध करा दिया है।
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का निरीक्षण करने जनपद आए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपीडा द्वारा एक्सप्रेस-वे के निर्माण के दौरान जिन सड़कों को तोड़ा जाएगा। उन सड़कों की मरम्मत का कार्य भी अब उसके द्वारा ही किया जाएगा। अब ग्रामीण क्षेत्रों के टूटी सड़कों के मरम्मत की कवायद शुरू हो गई है। पीडब्ल्यूडी और यूपीडा की संयुक्त टीम द्वारा सर्वे कर टूटी सड़कों का ब्योरा जुटा लिया गया है। सर्वे में कुल 99 ग्रामीण क्षेत्र की सड़कें क्षतिग्रस्त मिली हैं। जिनकी कुल लंबाई 209.340 किमी है। पीडब्ल्यूडी द्वारा इन सड़कों की मरम्मत पर खर्च होने वाले धन का स्टीमेट भी तैयार कर यूपीडा को भेज दिया गया है। इन सड़कों की पुर्ननिर्माण पर कुल 37.51 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बताते चलें कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे जनपद की चार तहसीलों फूलपुर, निजामाबाद, सगड़ी और सदर से होकर गुजरा है। 341 किमी लंबर पूर्वांचल एक्सप्रेस का 84 किमी हिस्सा आजमगढ़ जनपद में हैं।
खंड टूटी सड़कें लंबाई (किमी) लागत (करोड़ में)
प्रांतीय खंड 8 13 2.46
निर्माण खंड 23 46 7.09
निर्माण खंड दो 54 121 22.5
निर्माण खंड पांच 14 28 5.43
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के निर्माण में टूटी 32 ग्रामीण सड़कें
आजमगढ़। गोरखपुर के पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जोड़ने के लिए लिंक एक्सप्रेस वे का निर्माण किया जा रहा है। इसके निर्माण में भी अतरौलिया, अहरौला और कोयलस विकास खंड की सड़कें क्षतिग्रस्त हुई है। सर्वे में कुल 32 सड़कें क्षतिग्रस्त पाई गई। इन सड़कों की देखभाल पीडब्ल्यूडी के प्रांतीय खंड द्वारा किया जाता है। लिंक एक्सप्रेस वे के निर्माण में क्षतिग्रस्त कुल 32 सड़कों की कुल लंबाई 87.980 किमी है। इनके पुर्ननिर्माण पर कुल 1880.63 लाख रुपये खर्च आने का प्रस्ताव प्रांतीय खंड ने दिया है।
जनपद में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के निर्माण दौरान टूटी सड़कों का यूपीडा और पीडब्ल्यूडी की संयुक्त टीम द्वारा निरीक्षण किया गया था। जिसका प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया गया है। अब यूपीडा द्वारा इन सड़कों को बनाने का कार्य किया जाएगा।
- विजय सिंह, अधिशासी अभियंता, निर्माण खंड पांच।