आजमगढ़। दीवानी न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित हुआ। सुलह समझौते के आधार पर 95,957 वादों का निस्तारण हुआ। साथ ही 15 करोड़ 42 लाख 75 हजार 339 रुपये का समझौता हुआ। प्रधान न्यायाधीश अहसानुल्लाह खान, अपर प्रधान न्यायाधीश संदीपा यादव, प्रेम शंकर आदि के सकारात्मक सहयोग और सुलह- समझौते से 21 दंपती फिर से एक साथ रहने को राजी हुए।
राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ न्यायालय के हाल ऑफ जस्टिस में जनपद न्यायाधीश जयप्रकाश पांडेय ने किया। इसके बाद अदालत के पीठासीन अधिकारी लक्ष्य के सापेक्ष मुकदमों का निस्तारण करने में जुट गए। विधिक सेवा के सचिव व अपर जिला जज धनंजय कुमार मिश्रा ने बताया कि जनपद न्यायाधीश जयप्रकाश पांडेय की अदालत से एक मुकदमा, मोटर दुर्घटना दवा प्राधिकरण के पीठासीन अधिकारी अजय कुमार सिंह द्वारा 68 मुकदमों का निस्तारण किया गया। प्रधान पारिवारिक न्यायाधीश अहसानुल्लाह खान ने 50, पारिवारिक न्यायाधीश कोर्ट नंबर दो संदीपा यादव की अदालत से 29 और पारिवारिक न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक प्रेम शंकर की अदालत से 51 मुकदमों का आपसी सुलह समझौता के आधार पर निस्तारण किया गया।
इसी प्रकार अपर जिला जज सतीश चंद्र द्विवेदी की अदालत से तीन तीन, एससी एसटी कोर्ट के न्यायाधीश कमलापति की अदालत से छह, अपर जिला जज जैनेंद्र कुमार पांडेय की अदालत से तीन, विशेष न्यायाधीश अपर जिला जज अजय श्रीवास्तव की अदालत से 168, अपर जिला जज संतोष कुमार यादव की अदालत से 10 मुकदमों का निस्तारण किया गया। इसी क्रम में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सत्यवीर सिंह की अदालत से 2754 वादों, सिविल जज सीनियर डिवीजन अनुपम कुमार त्रिपाठी की अदालत से कल 54 मुकदमा का निस्तारण हुआ।
एसीजीएम कोर्ट नंबर 10 रश्मि चंद की अदालत से 1975, एसीजीएम कोर्ट नंबर 11 सुनील कुमार सिंह की अदालत से 1312, एसीजीएम कोर्ट नंबर 13 की अदालत से 1326 मुकदमों को निस्तारित किया गया। सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट्रेक कोर्ट दीपक कुमार सिंह की अदालत से 2762 मुकदमे निस्तारित किए गए।