आजमगढ़। जनपद में हुई खरीद को देखते हुए प्रति किसान 48 कुंतल प्रति किसान औसत खरीद है। इसलिए 60 कुंतल से अधिक गेहूं की बिक्री करने वाले किसानों की खसरा और खतौनी के आधार पर जांच की जाएगी। जांच के बाद एसडीएम से अनुमति के बाद ही गेहूं की खरीद की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा है कि वर्तमान में क्रय केंद्रों पर गेहूं की आवक कम हो गई है। बाजार और समर्थन मूल्य में अंतर होने के कारण विचौलियों के सक्रिय होने की आशंका है। शासन द्वारा किसानों के उपज का गुणवत्तापूर्ण क्रय कराने की अपेक्षा की गई है। गेहूं क्रय में किसानों को विचौलियों और थर्ड पार्टी से मुक्त रखने और वास्तविक किसानों से सही क्रय करने के लिए सुरक्षा के इंतजाम जरूरी हैं। जनपद में प्रति किसान औसत खरीद 48 कुंतल है। इसलिए 80 कुंतल से अधिक विक्रय करने के वाले कृषकों की गेहूं खरीद लेखपाल, राजस्व निरीक्षक द्वारा खसरा, खतौनी के आधार पर जारी कृषक के भूमि की अंशधारिता, रकबे और उत्पादित गेहूं के प्रमाण पत्र के आधार पर एसडीएम की अनुमति के बाद ही क्रय किया जाएगा। गेहूं क्रय अवधि में प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को लघु और सीमांत कृषकों से ही क्रय किया जाएगा। उन्होंने उक्त निर्देेशों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है।