आजमगढ़। तमसा किनारे हो रहे अवैध निर्माणों के रोकने में प्राधिकरण नाकाम साबित हो रहा है। वहीं जिला प्रशासन भी राजस्व के कारण तमसा किनारे जमीनों की बिक्री को रोक पाने में खुद को असहाय महसूस कर रहा है। वहीं, धड़ल्ले से किसानों से एक डेढ़ बिस्वा जमीन खरीद कर भवनों का निर्माण कराते जा रहे हैं।
अपने अस्तित्व की जंग लड़ रही तमसा आज अपने हाल पर आंसू बहा रही है। तमसा की इस दुर्दशा के लिए सभी जिम्मेदार हैं। जिला प्रशासन की आंख के सामने तमसा के किनारे तक जमीन की बिक्री हो रही है। सब कुछ जानते हुए भी वह कुछ करने में खुद को असहाय महसूस कर रहा है। जिला प्रशासन को यह मालूम है कि तमसा के किनारे जो लोग एक से लेकर तीन बिस्वा तक जमीन का बैनाम करा ले रहे हैं, वह आज नहीं तो कल उस स्थान पर भवन का निर्माण जरूर कराएंगे क्योंकि एक दो बिस्वा में कोई खेती तो करेगा नहीं लेकिन राजस्व की प्राप्ति होने के कारण वह इसे रोकने में खुद को असहज महसूस कर रहा है। हालांकि प्रशासन ने नदी के किनारे के क्षेत्र को ग्रीन लैंड घोषित करके निर्माण के लिए प्रतिबंधित कर चुका है लेकिन जिस प्राधिकरण के कंधों पर इस क्षेत्र में भवनों का निर्माण रोकने की जिम्मेदारी है, उसने इसे अपनी कमाई का जरिया बना लिया है।
हम कहीं भी जमीन का बैनामा करने से किसी को रोक नहीं सकते हैं। ना ही ऐसा कोई निर्देश है। काश्तकारों की जमीन है अगर वह जमीन का बैनामा कर रहा है तो हम क्या कर सकते हैं। रही बात निर्माण की तो यह देखना प्राधिकरण का कार्य है। हम तो 650 वर्ग मीटर तक की जमीन का आवासीय शुल्क लेते हैं। हमारे पास मौजे के हिसाब से रजिस्ट्री होती है। इसलिए हम नहीं बता सकते कि ग्रीन लैंड एरिया में कितनी रजिस्ट्री हुई है।
- रामसुंदर यादव, रजिस्ट्रार
हमारे पास शासन से कोई ऐसा निर्देश नहीं है कि ग्रीन लैंड एरिया में रजिस्ट्री रोकी जाए। इसलिए हम जमीन की रजिस्ट्री होने से नहीं रोक सकते लेकिन प्राधिकरण को निर्देशित करेंगे कि वह इस पर लगाम लगाए और ग्रीन लैंड में भवनों का निर्माण न होने दे।
- शिवाकांत द्विवेदी, जिलाधिकारी
ग्रीन लैंड एरिया में अगर कोई जमीन ले रहा है तो सबसे पहले यह देखा जाना चाहिए कि वह शहर का मूल निवासी है कि नहीं क्योंकि बाहर का कोई व्यक्ति एक या दो बिस्वा जमीन खेती के लिए यहां खरीदने नहीं आएगा। इसलिए अगर वह शहर का मूल निवासी नहीं है तो उसको जमीन की बिक्री पर तत्काल रोक लगा देनी चाहिए। -ड ा. अशोक सिंह, निदेशक मिशन अस्पताल
ग्रीन लैंड एरिया में हो रही रजिस्ट्री पर जिला प्रशासन को तत्काल रोक लगानी चाहिए। साथ ही नदी किनारे जो ग्रीन लैंड घोषित है, उस क्षेत्र में किसानों को जागरूक कर पेड़ पौधे लगाने चाहिए। साथ ही नदी में गिरने वाले नालों के पानी के प्यूूरीफायर की व्यवस्था करनी चाहिए। - संत प्रसाद अग्रवाल, व्यापारी नेता
ग्रीन लैंड में हो रहे निर्माणों पर प्रशासन को सख्ती से रोक लगानी चाहिए क्योंकि तमसा नगर की जीवन रेखा है अगर यह विलुप्त हो गई तो नगर के लोग पानी को तरस जाएंगे। इसलिए शासन प्रशासन के साथ हमारी भी जिम्मेदारी है कि हम तमसा को बचाने के लिए आगे आएं। - सुनील राय, भाजपा नेता