आजमगढ़। अतरौलिया ब्लाक के चत्तुरपुर मघईपट्टी गांव में मनरेगा के तहत 2007 से 2016 के बीच हुए घोटालों की तकनीकी टीम ने जांच कर रिपोर्ट सौंप दी। डीएम के पास मामला पहुंचने पर पुन: उसी टीम ने जांच की तो अबकी गबन की धनराशि घट गई। आयुक्त ने जिलाधिकारी से मामले की पूरी पत्रावली मंगा कर अपने स्तर से निस्तारित करने का निर्देश दिया।
चत्तुरपुर मघईपट्टी गांव निवासी त्रिलोकी नाथ त्रिपाठी पुत्र स्व. लाल बहादुर त्रिपाठी ने वर्ष 2007 से 2016 के बीच गांव में मनरेगा के तहत हुए विकास कार्यों में गड़बड़ी और गबन का आरोप लगाकर शिकायत दर्ज कराई थी। लोकपाल मनरेगा के निर्देश पर सीडीओ ने जेई एनबी सिंह, अशोक कुमार तिवारी, मनोज कुमार मिश्र की संयुक्त टीम को जांच करने को कहा गया। टीम ने रिपोर्ट दी तो उसमें 684461 रुपये के गबन का मामला सामने आया। लोकपाल मनरेगा ने अपनी रिपोर्ट डीएम को कार्रवाई के लिए सौंप दी। डीएम ने पुन: उसी टीम ने जांच कराई तो इस बार धनराशि में तकनीकी टीम ने कमी कर दी। इसपर शिकायत कर्ता ने मंडलायुक्त को पत्रक देकर आपत्ति दर्ज कराई और लोकपाल मनरेगा के रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की मांग की।
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पूर्व प्रधान को कारण बताओ नोटिस
आजमगढ़। लालगंज तहसील क्षेत्र के कोटा बुजुर्ग गांव की पूर्व प्रधान संजू देवी पत्नी रमेश के खिलाफ डीपीआरओ ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पूर्व प्रधान के खिलाफ डीएम से शिकायत हुई थी। जांच में पूर्व प्रधान गबन का आरोप सिद्ध हुआ। मामला कमिश्नर के पास पहुंचा तो पुन: तकनीकी टीम से जांच कराई गई। तकनीकी टीम ने भी दस हजार के गबन के आरोप पुष्ट किया। इसी रिपोर्ट के आधार पर डीपीआरओ जितेंद्र नाथ सिंह ने पूर्व प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी किया। पूर्व प्रधान के पति रमेश वर्तमान में गांव के प्रधान है।