सांसद और विधायक निधि लेने के मामले में दोषी मिले 22 विद्यालयों को नौ करोड़ 17 लाख दो हजार रुपये वसूली के लिए मुख्य विकास अधिकारी की ओर से नोटिस जारी की गई है। प्रबंधकों को 15 दिन के अंदर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है। इसके बाद वसूली के लिए आरसी जारी कर वसूली की जाएगी। साथ ही पूर्व में निधि लेने के दोषी मिले 11 विद्यालयों के मामले को भी दोबारा खोला जा रहा है।
जिले में सांसद और विधायक निधि मामले में धांधली का मामला तब प्रकाश में आया, जब लालता यादव की ओर से जिले के 92 विद्यालयों पर फर्जी अभिलेख के सहारे सांसद और विधायक निधि लेने का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में वाद दाखिल किया गया। हाईकोर्ट ने उनके आरोपों की जांच का आदेश दिया। पहले हुई जांच में चार विद्यालय दोषी पाए गए। बाकी सभी विद्यालयों पर लगाया गया आरोप निराधार पाया। इसके बाद तत्कालीन जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने 82 विद्यालयों की दोबारा जांच शुरू कराई। मार्च 2017 में उन्होंने 26 विद्यालयों की जांच रिपोर्ट जारी की। जिसमें सात विद्यालयों को गलत अभिलेखों के सहारे निधि लेने का दोषी पाया गया था। उनके द्वारा इन सभी विद्यालयों को निधि की वसूली के लिए बिना नोटिस जारी किए ही आरसी जारी की गई। लेकिन कालेज प्रबंधक हाईकोर्ट चले गए और कोर्ट ने उन्हें स्टे दे दिया। मामला संज्ञान में आने के बाद मुख्य विकास अधिकारी ने शेष बचे 56 विद्यालयों की जांच कराई। जांच के दौरान 22 विद्यालय निधि लेने के दोषी मिले। इस पर सीडीओ द्वारा इन विद्यालयों के प्रबंधकों को 15 दिन में साक्ष्य के साथ अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है। साथ ही कहा गया है कि अगर उनके द्वारा अपना पक्ष नहीं रखा जाता है तो उनसे भू राजस्व की भांति आरसी जारी कर वूसली की जाएगी। मुख्य विकास अधिकारी की इस कार्रवाई से विद्यालय प्रबंधकों में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं सूत्रों की मानें तो विद्यालय प्रबंधकों को भी इस बात अंदेशा पहले ही हो गया था और वह नोटिस का इंतजार कर रहे थे ताकि वह हाईकोर्ट में इसके खिलाफ अपील कर सकें।
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गलत अभिलेखों के सहारे सांसद और विधायक निधि लेने वाले 22 विद्यालयों को नोटिस जारी कर 15 दिन में साक्ष्य सहित अपना पक्ष रखने को कहा गया है। अगर नोटिस का जवाब नहीं जाता है तो इनसे आरसी जारी कर ली गई निधि की वसूली की जाएगी। पूर्व में भी 11 विद्यालय निधि लेने के दोषी मिले थे। लेकिन उन्हें कोर्ट से स्टे मिला हुआ है। उनकी फाइल निकलवाई जा रही है। जिसमें यह देखा जाएगा कि अब क्या हो सकता है।
अभिषेक सिंह, मुख्य विकास अधिकारी।