अंबारी/निजामाबाद। ग्रामीण बाजारों में नकली मिठाइयों की बिक्री जोरों पर हो रही है। एफडीआई की टीम की सक्रियता के बाद भी नकली खोया और छेना से बाजार पटा हुआ है। त्यौहार के पूर्व ही इन नकली मिठाईयों का सेवन कर कई लोग अस्पताल भी पहुंच चुके है। इसके बाद भी दुकानदार अधिक लाभ के चक्कर में नकली सामानों की बिक्री कर रहे है तो वहीं लोग भ्ीा जानकारी के आभाव में खरीदारी में जुटे दिखे।
फूलपुर तहसील क्षेत्र के माहुल बाजार में छोटी-बड़ी मिला कर दर्जन भर मिठाई की दुकाने है। इन दुकानों पर गैर जनपद के नकली मिठाई विक्रेता 60 से 90 रुपये प्रति किलो की दर से बर्फी, मिल्ककेक आदि होलसेल में उपलब्ध कराते है जिसे दुकानदार 200 से 250 रुपये किलों की दर से ग्राहकों को उपलब्ध कराते है। इन नकली मिठाईयो के साथ ही नकली खोवा और छेना भी बाजार में भारी मात्रा में उपलब्ध है। ऐसा ही कुछ हाल क्षेत्र के अंबारी, भेडिय़ा, दीदारगंज, पुष्पनगर, पल्थी, निजमापुर, रामापुर, सिकरौर, गनवारा, फलवरिया, पवई आदि बाजारों का भी है। क्षेत्र के अनिल नरायन सिंह, इरशाद, लवकुश, उमेश, बबलू, देवेंद्र, सुनील, अशोक, अजय आदि कहना है कि एफडीआई की टीम क्षेत्र में चक्रमण तो कह रही है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने से मिलावटी मिठाई की बिक्री बदरस्तूर जारी है।
निजामाबाद में होली पर्व के अवसर पर बाजार में मिठाई की दुकानें तरह-तरह की मिठाईयों से पटी हुई है। लजीज दिखने वाली ये मिठाइयां लोगों को बीमार कर रही है। कारण यह है कि त्यौहार में मिठाई की खपत ज्यादा होने के चलते दुकानदार भी मिठाई बनाने में पूरी तरह से मिलावट कर रहे है। शुद्ध के नाम पर निजामाबाद तहसील क्षेत्र में नकली मिठाईयां बेची जा रही है। जिसे खा कर लोग बीमार भी पड़ रहे है। सूत्रों की माने तो इन दिनों बाजारों में उपलब्ध मिठाईयों में नकली रंग और नकली मेवे के साथ ही खोवा और छेना भी नकली प्रयोग किया जा रहा है।