आजमगढ़। होली पर बाजार रसायनिक रंगों से पट गया है। सस्ते होने के कारण रासायनिक रंग की बिक्री अधिक हो रही है। लेकिन यह रंग कहीं होली के रंग में भंग न डाल दें। इसलिए इनसे सावधान रहें। सस्ते में मिलने वाले रासायनिक रंग आपके चेहरे और आंखों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। कई रंगों से आपको एलर्जी भी हो सकती है।
इन दिनों बाजार में रंग, अबीर की बिक्री खूब हो रही है। इसमें केमिकल मिले हुए रंग बिक रहे हैं जो काफी सस्ते है। सस्ता होने के चक्कर में इन रंगों की बिक्री अधिक होती है लेकिन सावधान रहने की आवश्यकता है। रसायनिक रंगों से जितना हो सके बचने में ही भलाई है। रंग बनाने वाले रंगों में रसायन का प्रयोग तो करते ही हैं साथ ही बालू मिट्टी आदि भी मिलाते हैं। जिससे शरीर की त्वचा खराब हो सकती है। होली के त्यौहार पर रंगों में मिलावट का कारोबार खूब फलता फूलता है। रंग ही नहीं बल्कि अबीर गुलाल में रसायन का प्रयोग किया जाता है। केमिकल युक्त रंग दस रुपये तोला तक मिल जाते हैं जबकि हर्बल रंग मंहगे होते हैं ।
होली में खेलने से पहले और परेशानी होने पर बरतें यह सावधानियां:
होली खेलने से पहले चेहरे, हाथों, बालों, पैरों पर सरसों का तेल, नारियल या लोशन को शरीर पर लगाएं। यह केमिकल रंगों से बचाते हैं, और होली के बाद रंग उतारने में भी आसानी होती है। यदि आंखों में रंग चला जाए तो उसे पानी से धो देना चाहिए और उसमें गुलाब जल डाल दें, आंखों को रंगड़ें नहीं। त्वचा से रंग उतारने से पहले आधा घंटा मुल्तानी मिट्टी लगानी चाहिए। त्वचा से गहरे रंग उतारने के लिए एक कप दही में दो चम्मच नींबू पानी डालकर लगाएं। शरीर से रंग उतारने के लिए पेट्रोल, मिट्टी का तेल और स्प्रिट इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, यह त्वचा को रूखा कर देता है।
केमिकल युक्त रंग शरीर में लग जाता तो वह त्वचा को शुष्क होने के साथ जलन होती है। बालों में रंग जाने से उसमें रूखापन हो जाता है। जिससे त्वचा चटखने लगती है। इससे एलर्जी हो जाती है। चेहरे और शरीर पर लाल दाने पड़ जाते हैं। मुंह में रंग जाने पर छाले पड़ जाते हैं। जिसके कारण आपको खाने पीने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
डा. अंशुमान राय, त्वचा रोग विशेषज्ञ।
रासायनिक रंग किसी को भी अंधा बना सकते हैं। इनके आंखों में जाने से जलन, पानी गिरना, आंख का लाल होना जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इसलिए जहां तक हो सके हर्बल रंगों का प्रयोग करें। लेकिन आंखों में रंग चला जाए तो उसे अच्छी तरह से पानी से तब तक धोएं जब तक आंख में जलन खत्म न हो जाए। इसके बाद तुंरत चिकित्सक से परामर्श लें।
डा. ओमप्रकाश, नेत्र रोग विशेषज्ञ।