आजमगढ़। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दीवानी न्यायालय के तत्वावधान शनिवार को न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें पूरे जनपद के विभिन्न अदालतों द्वारा कुल 7653 वादों का निस्तारण सुलह-समझौते के आधार पर किया गया। जिसमें कुल 6,43,12,594 रुपयों का समझौता किया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत का न्यायालय के हाल आफ जस्टिस में जिला जज एसएएच रिजवी ने दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। उन्होंने कहा ने वादकारियों को अधिक से अधिक मुकदमों का निस्तारण लोक अदालत के माध्यम से किए जाने पर बल दिया। कहा कि लोक अदालत ही मुकदमों के निस्तारण का शुलभ और सस्ता माध्यम है। विधिक सेवा के सचिव चंद्रशेखर ने कहा कि लोक अदालत मुकदमों के निस्तारण के लिए महाकुंभ की तरह से है। जिसमें सम्मिलित होकर लोग अपने विवादों को सुलह समझौते के माध्यम से निस्तारित कराएं। इस दौरान न्यायालय परिसर में कार्यरत अदालतों द्वारा सिविल के 233 वाद, मोटर दुर्घटना प्रतिकर के 26 वाद, पारिवारिक वाद 121,जलका वाद 52, फौजदारी वाद 5536, राजस्व वाद 1277 निस्तारित किए गए। साथ ही बैंक रिकवरी के 328, श्रम वाद 155 निस्तारित किए गए, जिसमें 16,13820 रुपयों का समझौता हुआ। कार्यरत अदालतों में अपर जिला जजों में सर्वेश चंद्र पांडेय,संतोष कुमार तिवारी, संजय कुमार वर्मा, कल्पना, मुकेश कुमार सिंह, राम किशोर, संध्या चौधरी, पारिवारिक न्यायाधीश अनिल कुमार, सीजेएम धीरेंद्र कुमार सिंह, वरिष्ठ सिविल जज अगस्त तिवारी, एसीजेएम अशद अहमद हासमी और अवधेश कुमार सिंह समेत विभिन्न अदालतें कार्यरत रही।