आजमगढ़। मंडलीय अस्पताल में बुधवार को ई-हास्पिटल सुविधा का बुधवार को लखनऊ से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकार्पण कर दिया। हालांकि तैयारी पूरी न होने के चलते पंजीकरण के लिए मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी। पुरानी व्यवस्था के तहत पंजीकरण से लोगों को कुछ राहत मिली।
प्रदेश सरकार ने मंडलीय अस्पताल को एम्स और पीजीआई की तर्ज पर ई-हॉस्पिटल के रूप में तब्दील करने की कवायद कुछ माह पूर्व शुरू कराई थी। इसके तहत पंजीकरण से लेकर ओपीडी तक को कंप्यूटरीकृत करते हुए ऑनलाइन किया गया है। बुधवार को मुख्यमंत्री योगी ने मंडलीय अस्पताल में इस सुविधा का लखनऊ से लोकार्पण किया। अस्पताल के कक्ष संख्या 10 में पांच पंजीकरण काउंटर बनने है, जो अभी अधूरे हैं। बुधवार को केबिन बनाने का कार्य जारी था। औषधि वितरण कक्ष संख्या 13 में एक, कक्ष 22 में दो व इमरजेंसी में 1 कंप्यूटर लगा कर अस्थायी पंजीकरण काउंटर बनाया गया था। अस्पताल प्रशासन द्वारा फिलहाल पंजीकरण की पुरानी व्यवस्था को भी चालू रखा था, जिसके चलते मरीज को राहत मिली। बुधवार को दोनों व्यवस्थाओं के तहत लगभग साढ़े बारह सौ मरीजों का पंजीकरण हुआ। जिसमें छह सौ पंजीकरण नई ई-हॉस्पिटल व्यवस्था के तहत हुई।
शासन की योजना के तहत मंडलीय अस्पताल को ई-हॉस्पिटल की सुविधा से लैस किया जा रहा है। लोकार्पण जरूर हो गया है, लेकिन अभी कुछ काम बाकी है, जिसे तेजी से पूरा कराया जा रहा है। फिलहाल शासन से 30 कंप्यूटर आए है, जिन्हें लगाया जा रहा है। इसमें पांच पंजीकरण काउंटर, एक इमरजेंसी के अलावा अन्य कंप्यूटरों को ओपीडी, पैथलॉजी और सिस्टर कक्ष में लगने हैं। शासन से इस व्यवस्था के तहत पांच कंप्यूटर क्लर्क के साथ ही 12 सहयोगी आपरेटर का स्टाफ अस्पताल को उपलब्ध कराया गया है। जल्द ही सारी व्यवस्था दुरुस्त कर अस्पताल को पूरी तरह से ई-हॉस्पिटल में तब्दील कर दिया जाएगा।
-लकी पांडेय, हॉस्पिटल मैनेजर, मंडलीय अस्पताल, आजमगढ़