विद्युत बिल की समस्याओं को लेकर उपभोक्ताओं को अक्सर विभाग के कार्यालयों का चक्कर काटना पड़ता है। इससे निजात दिलाने के लिए शासन अब उपभोक्ताओं को एसएमएस के जरिए उनके बिल की जानकारी देने की तैयारी में है। इतना ही नहीं बिल जमा होने के बाद भी विभाग की ओर से उपभोक्ता के मोबाइल पर मैसेज आएगा कि उसने कितना बिल जमा किया है। पश्चिमांचल में इस योजना की सफलता के बाद अप्रैल से पूर्वांचल में इसे लांच करने की योजना है।
बिल संबंधी समस्याओं को लेकर उपभोक्ता अक्सर परेशान रहते हैं। अपने बिल के संबंध में जानकारी प्राप्त करने के लिए कार्यालय का चक्कर काटने लगते है। कई दिन कार्यालयों का चक्कर काटने पर उपभोक्ता विभाग के किसी दलाल से मिल जाता है और वह कम पैसे में बिल जमा करने की बात कहकर उससे हजारों रुपये ले लेता है। लेकिन जब दूसरे दिन से वह उक्त दलाल को ढूंढना शुरू करता है तो वह नहीं मिलता है। इस प्रकार न तो उसका बिल कम होता है और ना ही वह आदमी मिलता है। इसके बाद विभाग ज्यादा बकाया होने पर उसके खिलाफ कार्रवाई करना शुरू कर देता है। ऐसे लोगों की परेशानी को देखते हुए सरकार ने एसएमएस के माध्यम से उपभोक्ताओं को बिल संबंधी जानकारी देने का निर्णय लिया है। यह योजना प्रदेश पश्चिमांचल के जिलों में पहले से शुरू है। वहां मिली सफलता को देखते हुए सरकार ने इसे अब पूर्वांचल वितरण निगम में भी लागू करने की योजना बनाई है। संभवत: अप्रैल माह से इसे अपने जनपद में भी शुरू कर दिया जाएगा।
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योजना के फायदे
इस योजना के शुरू होने के बाद उपभोक्ताओं को हर महीने उनका बिल भेजा जाएगा। जिससे उपभोक्ताओं बिल के लिए आफिसों का चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी। इतना ही नहीं जब उपभोक्ता खुद या दूसरे के माध्यम से अपने बिल का भुगतान करेगा तो भी उसके मोबाइल पर एक मैसेज आएगा। जिसमें यह जानकारी दी जाएगी कि उसका कितने रूपये का बिल जमा हुआ है।
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कोट-
पश्चिमांचल में एसएमएस योजना की सफलता को देखते हुए अब इसे पूर्वांचल में भी लागू किया जा रहा है। जिसके लागू होने से पारदर्शिता आएगी और उपभोक्ताओं को समय पर उनका बिल प्राप्त होगा। बिल के लिए उसे आफिसों का चक्कर नहीं काटना पड़ेगा। -पंकज कुमार, मुख्य अभियंता, आजमगढ़ मंडल।