आजमगढ़। प्रशासन पर आश्वासन के बाद भी कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए महाराजगंज थाना क्षेत्र के देवारा जदीद गांव निवासिनी मुंद्रिका देवी और मऊ जनपद के घोसी निवासिनी संगीता शनिवार को अंबेडकर पार्क में धरने पर बैठ गई। उनका कहना है कि जब तक हमारी मांगों को पूरा नहीं किया जाता हम धरने से नहीं उठेंगी।
मुंद्रिका देवी ने बताया कि पुलिस अधीक्षक छेड़खानी और डकैती के मुकदमे की विवेचना महराजगंज थाने से हटाकर रौनापार थाने में स्थानांतरित कर दी गई। जिसमें आरोपियों के विरुद्घ जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था। साथ ही 164 सीआरपीसी का बयान कराकर छेड़खानी के प्रकरण में गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया गया था। लेकिन बयान दर्ज होने के बाद भी 10 दिन बीतने के बाद जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने मसुरियापुर नैनीजोर में जल सत्याग्रह शुरू कर दिया। एसओ रौनापार ने सत्याग्रह को समाप्त करा दिया। लेकिन इसके बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उन्हें फिर से धरने के लिए मजबूर होना पड़ा। संगीता ने बताया कि 37 एअर जमीन का नसबंदी पट्टा मेरे पिता को हुआ था। एसडीएम घोसी ने 37 एअर को 37 कड़ी बताकर मेरे मकान को बुलडोजर से गिरा दिया। मेरी सिर्फ यही मांग है कि मेरे पट्टे की जमीन पर जिस हैसियत से प्रशासन ने कब्जा कराया उसका पेपर प्रशासन हमें दिखा दे। लेकिन छह माह बीतने के बाद भी प्रशासन ने हमें कोई अभिलेख नहीं दिखाया जिसके कारण आज मजबूर होकर धरने पर बैठना पड़ा। अध्यक्षता दया निषाद और संचालन चंद्रभान निषाद ने किया।