आजमगढ़। पितरों के तर्पण का दिन पितृपक्ष गुरुवार से शुरू हो रहा है। पितृपक्ष में नदी और पोखरों के किनारे अपने-अपने पितरों का तर्पण करने के लिए लोगों की भीड़ जमा होती है। नगर के भी गौरी शंकर घाट पर काफी संख्या में लोग तर्पण करने के लिए पहुंचते हैं लेकिन नगरपालिका द्वारा घाटों की सफाई नहीं कराई गई है।
बताते चलें कि पितृ पक्ष में श्राद्ध करने का विशेष महत्व माना जाता है। पितृ पक्ष शुरू होते ही लोगों को मुक्ति पाने का मार्ग मिल जाता है। इन दिनों में पितरों को प्रसन्न करने से लोगों पर नारायण की कृपा बरसती है ऐसी मान्यता है। पितृ पक्ष में पितरों का उनके देहांत की तिथि के दिन श्राद्ध करना जरूरी माना गया है। मान्यता है कि पितरों का श्राद्ध यदि श्रद्धापूर्वक नहीं किया जाए तो इससे पितर नाराज हो जाते हैं और उनके श्राप से व्यक्ति पितृ दोष से ग्रसित हो जाता है। जिस घर में पितृ दोष होता है उस घर की सुख शांति खत्म हो जाती है और तरह-तरह की समस्याएं आने लगती हैं। यानि व्यक्ति का जीवन कष्टों से घिरने लगता है। पितृपक्ष में तर्पण करने के लिए नगर के गौरीशंकर घाट, कदम घाट, राजघाट सहित अन्य घाटों पर भी लोग तर्पण करने के लिए पहुंचते हैं। लेकिन नगरपालिका की उदासीनता के कारण घाटों पर गंदगी का अंबार लगा है। जिसके कारण लोगों को गंदगी के बीच तर्पण करना होगा। पितृपक्ष में लोगों द्वारा नए सामानों की खरीदारी नहीं की जाती है। जिसे देखते हुए दूकानदारों द्वारा तरह-तरह के आफर देकर ग्राहकों को लुभाया जाता है। लेकिन अभी जनपद में किसी भी दूकानदार द्वारा इस तरह के आफर की घोषणा नहीं की गई है। संस्कार माल के प्रोपराईटर आशुतोष रुंगटा ने बताया कि आफर देने का कोई लाभ नहीं क्योंकि लोग कोई भी नया सामान खरीदने से परहेज करते हैं।