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एंजाइम प्लांट दिखाने लगा असर,कम हुआ नाले का प्रदूषण

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आजमगढ़। एंजाइम विधि से नाले के पानी को साफ करने के लिए ट्रायल के रूप में शहर के मुकेरीगंज स्थित नाले पर लगाए गए प्लांट के सकारात्मक परिणाम नजर आने लगे हैं। उपकरण लगाने के बाद की गई जांच में पानी में प्रदूषण कुछ कम पाया गया है। डीएम शिवाकांत द्विवेदी ने बताया कि अब इसका प्रयोग नगर के सबसे बड़े नाले धर्मू नाले पर किया जाएगा। अगर यह प्रयोग सफल हुआ तो इस एंजाइम को राजकीय इंजीनियरिंग के छात्रों से यहीं पर तैयार कराया जाएगा। राजकीय इंजीनियरिंग कालेज के प्रिंसिपल एसपी पांडेय की पहल पर 19 दिसंबर को तमसा में गिरने वाले मुकेरीगंज नाले पर द आर्ट आफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर कंसल्टेंट (पर्यावरण) की टीम ने मोबाइल सिवर ट्रीटमेन्ट प्लान्ट लगाया था। एक हजार लीटर की टंकी को पूरा पानी से भरने के बाद उसमें दो लीटर एंजाइम मिला कर 12 घंटे के लिए छोड़ा गया। इसके बाद टंकी के पानी को टोटी के माध्यम से नाले में धीमी गति से गिराया गया। पांच दिनों के बाद नाले के पानी की जांच कराई गई। डीएम शिवाकांत द्विवेदी ने बताया कि इसमें पीएच 8.75 मिलीग्राम प्रति लीटर से घटकर 8.30, बीओडी 88 मिलीग्राम प्रति लीटर से घटकर 76, सीओडी 312 से घटकर 298 मिलीग्राम प्रति लीटर और टीएसएस 435 से घटकर 412, टोटल कोलीफार्म 31 लाख से घटकर 24 लाख एमएनपी प्रति सौ मिलीलीटर पहुंच गई है। डीएम शिवाकांत द्विवेदी ने बताया कि इस प्लांट के सकारात्मक परिणाम दिख रहे हैं। धर्मू नाले पर भी प्लांट लगाया गया है। धर्मू नाले पर पीएच 9.04 मिलीग्राम प्रति लीटर, बीओडी 92 मिलीग्राम प्रति लीटर, सीओडी 328 मिलीग्राम प्रति लीटर, टीएसएस 450 मिलीग्राम प्रति लीटर, टोटल कोलीफार्म 43 लाख एमएनपी प्रति सौ एमएल पाया गया है। पांच दिन बाद यहां की भी जांच की जाएगी। यदि परिणाम सही मिले तो इस एंजाइम को लालगंज के राजकीय इंजीनियरिंग कालेज में तैयार कराया जाएगा। अभी एंजाइम काफी महंगा पड़ रहा है। यहीं निर्माण होने पर कास्ट में कमी आएगी। सुलभ होने पर लोग इसे खरीदकर अपने घरों में इसका प्रयोग करने लगेंगे।
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संयंत्र में खत्म हो गया पानी, ईओ को पता नहीं
आजमगढ़। मुकेरीगंज में तमसा नदी में मिलने वाले नाले पर मिनी एसटीपी संयत्र लगाया गया था। संयत्र में एक टंकी में एक हजार लीटर पानी और दो लीटर एंजाइम को मिलाकर धीमी गति से नाले में गिराना था। इसके संचालन की जिम्मेदारी ईओ को दी गई थी। टंकी में पानी खत्म हो गया था और ईओ को इसकी जानकारी नहीं थी। मामले की जानकारी मिलने पर डीएम ने ईओ के वेतन पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी है। राजकीय इंजीनियरिंग कालेज के प्रिंसिपल एसपी पांडेय की पहल और डीएम शिवाकांत द्विवेदी के निर्देश पर 19 दिसंबर को मुकेरीगंज के पास तमसा में गिरने वाले नाले पर मोबाइल सीवर ट्रीटमेंट प्लान्ट लगाया गया। प्लांट के अंतर्गत एक हजार लीटर की टंकी को पूरा पानी से भरने के बाद उसमें दो लीटर एंजाइम मिला कर 12 घंटे के लिए छोड़ा जाना था। इसके बाद टंकी के पानी को टोटी के माध्यम से नाले में धीमी गति से गिराया जाना था। ईओ नगरपालिका वीरेंद्र श्रीवास्तव को टंकी में पानी और एंजाइम डलवाने के लिए निर्देशित किया गया था। पांच दिन टीम यहां जांच के लिए पहुंची तो पता चला कि टंकी में पानी नहीं है और प्लांट बंद पड़ा है। मामले से जिलाधिकारी को अवगत कराया गया। डीएम शिवाकांत द्विवेदी ने ईओ वीरेंद्र श्रीवास्तव के वेतन आहरण पर रोक लगा दी है।
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