आजमगढ़। शहर से लेकर ग्रामीणांचलों तक जगह-जगह आबादी से दूर पटाखा की सामूहिक दुकानें लगाई गईं हैं। शहर में तीन स्थानों पर दुकानें लगी हैं और हर जगह निर्धारित मानकों की अनदेखी कर तहसील प्रशासन ने दुकानें लगाईं हैं। सिर्फ फायर व थाने से एनओसी लेकर तहसील प्रशासन ने अपनी जिम्मेदारी की इतिश्री कर ली। शहर क्षेत्र में डीएवी पीजी कालेज के मैदान में पटाखा की दुकानें लगी है। फायर ब्रिगेड ने एक स्थान पर पचास से अधिक दुकानें न लगाने का निर्देश दिया हुआ है। इसके बाद भी डीएवी मैदान पर दुकान लगाने के लिए 63 लाइसेंस सदर तहसील प्रशासन ने जारी कर दिया है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि दो दुकानों के बीच कम से कम तीन मीटर की दूरी होने के नियमों की भी यहां अनदेखी की गई है। इसके अलावा ज्यादातर दुकानों पर नाबालिग बच्चे बैठे हुए है जबकि नाबालिग बच्चों और बुजुर्गों को दुकानों न बैठाने की भी हिदायत है। डीएवी मैदान के अलावा शहर में सिधारी रामलीला मैदान पर 20, रेलवे स्टेशन पर 20 दुकानें लगी हुई है। मंगलवार को छोटी दीपावली होने के चलते पटाखा के खरीदारों की संख्या कम नजर आई। इसके बाद भी पटाखा दुकानदार अपनी दुकानें सजा कर बैठे हुए है। पटाखा की दुकानों पर चरखी, रोशनी, फुलझड़ी, चटाई, दो आवाज, तेज आवाज के बम आदि उपलब्ध है। इसके साथ ही देशी अनार व अन्य पटाखे भी इन स्टालों पर मौजूद है। सदर तहसील क्षेत्र में रानी की सराय में भी पटाखा का एक बाजार लगा है। यहां भी लगभग 20 दुकानदारों को लाइसेंस जारी हुआ है।
दुकानदारों को लाइसेंस जारी करने के साथ ही मानकों की अनदेखी न करने की हिदायत भी दी गई है। इसके बाद भी यदि पटाखा मार्केट में मानकों की अनदेखी हो रही है तो निश्चित तौर पर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अरुण कुमार सिंह, एसडीएम-सदर, आजमगढ़।