आजमगढ़। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने विभागों को लक्ष्य आवंटित कराकर पौधों का रोपण तो करा दिया लेकिन इन पौधों को बचाने की कोई कवायद जिला प्रशासन की ओर से अभी तक नहीं की गई है। जिसके कारण पानी के अभाव में कई स्थानों पर पौधे सूख गए हैं तो कहीं पर जानवरों ने उन्हें अपना ग्रास बना लिया है। शासन के निर्देशानुसार प्रतिवर्ष लाखों पौधे लगाए जाते हैं लेकिन इन पौधों की सुरक्षा नहीं होने के कारण नाम मात्र के पौधे बच पाते हैं। क्योंकि विभाग पौधे लगाने के बाद उनकी देखभाल नहीं करता। वन विभाग के अधिकारी कहते हैं कि उनके पास पौधों की सुरक्षा के लिए बजट नहीं आता है। जिसके कारण वह इनकी देखभाल के लिए माली या गार्ड को नहीं रख पाते। इस बार शासन के निर्देश पर जनपद में लाखों पौधों का रोपण किया गया। शासन के निर्देशानुसार अधिकारियों के कार्यालय परिसर में भी पौधरोपण किया गया। इसके पीछे मंशा यह थी कि कार्यालय परिसर में होने के कारण इनकी देखभाल होगी। लेकिन जनपद में पौधरोपण के बाद इनकी सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं किया गया। यहां तक कि रोपण के बाद से आज तक उनमें दोबारा पानी भी नहीं दिया गया। जिसका परिणाम है कि लगाए गए पौधों में से ज्यादातर पौधे सूख चुके हैं। जो बचे हैं वह भी पशुओं का ग्रास बन जा रहे हैं। वहीं जिलाधिकारी के नेतृत्व में शुरू किया गया तमसा सफाई अभियान अपने तीसरे चरण में चल रहा है। तीसरे चरण में अभियान से जुड़े लोगों द्वारा लगाए गए पौधों की देखभाल करने के कारण इन पौधों से नित नई कोपलें निकल रही हैं। जिसे देख अभियान से जुड़े संगठनों के हौसले बढ़ रहे हैं।
जिले में जो पौधे लगाए गए हैं उनके सूखने की शिकायत मिल रही है। ऐसा है तो यह गलत है। अधिकारियों ने अपने कार्यालय में जो पौधे रोपे हैं उनकी देखभाल भी उन्हें ही करनी है यह उनकी जिम्मेदारी है। इसकी जांच कराई जाएगी अगर लापरवाही के कारण पौधे सूखे मिले तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
शिवाकांत द्विवेदी, जिलाधिकारी।