आजमगढ़। ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के संस्थापक बाबू बालेश्वर लाल की 31वीं पुण्यतिथि तमसा सभागार में रविवार को मनाई गई। पत्रकारों ने बालेश्वर लाल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके कृतित्व और व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला और उनके बताए गए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया।
आयोजित विचार गोष्ठी के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक रवि शंकर छवि रहे। एसोसिएशन के संरक्षक विद्या प्रसाद पांडेय ने एसोसिएशन और उसके संस्थापक बाबू बालेश्वर लाल जी के कृतित्व और व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए गोष्ठी में अपना विचार व्यक्त किया। मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक रवि शंकर छवि ने कहा कि भारत गांवों का देश ह,ै गांव की अपनी अलग सभ्यता और संस्कृति है। जिस तरह से आकाश में तारे हैं किंतु सूर्य के प्रकाश के आगे दिखाई नहीं देते हैं। उसी तरह गांव में तमाम तरह की प्रतिभाएं छुपी हैं ऐसे ग्रामीण पत्रकारों की भूमिका अहम है। वे नकारात्मक खबरों से ऊपर उठकर ग्रामीण क्षेत्रों में छुपी प्रतिभाओं को निखारने और सृजनात्मक कामों में अपनी लेखनी चलाएं तब जाकर समाज व देश को तरक्की व खुशहाली के रास्ते पर लाया जा सकता है और यही बाबू बालेश्वर लालजी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। गोष्ठी में पत्रकारिता क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान करने वाले विद्या प्रसाद पांडेय, सुहेल अहमद खान, शाहनवाज खान, ओम प्रकाश मिश्र, संतोष यादव, अच्युतानंद त्रिपाठी, नरेंद्र नाथ पांडेय, रज्जाक अंसारी, संतोष मिश्रा, देवेंद्र मिश्रा आदि पत्रकारों को बालेश्वर लाल सम्मान से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष बृजभूषण उपाध्याय ने किया। संचालन कृष्ण मोहन उपाध्याय ने किया। इस अवसर पर अनिरुद्ध बरनवाल, पंचानंद, उदयभान गौड़, देवेंद्र पाठक, राम प्रसाद मिश्र, रामसिंह यादव, ओंकार मिश्र, शैलेंद्र सिंह, प्रभात कुमार सिंह, दिलीप कुमार अग्रवाल, संतोष सहित आदि पत्रकार मौजूद रहे।