आजमगढ़। रोडवेज की समस्या का समाधान निकाल पाने में जिला और रोडवेज प्रशासन अब तक असफल साबित हुआ है। रोडवेज पर स्थिति अब तक ज्यों की त्यों बनी हुई है। रोडवेज के मनबढ़ कर्मचारी तिराहे पर सड़क पर ही बस खड़ी कर जाम लगा रहे है और प्रेशर हार्न के शोर से लोग परेशान है। एंबुलेंस और स्कूल बसों के जाम के झाम में फंस कर परेशान होने का भी क्रम जारी है। मारपीट और हंगामे की घटना को एक सप्ताह बाद भी समस्या का समाधान न निकल पाने पर हिन्द सेवा दल और निषाद सेना ने अब धरना-प्रदर्शन की शुरूआत करने का ऐलान कर दिया है।
रोडवेज क्षेत्र के रहने वाले लोग तीन साल से रोडवेज कर्मचारियों की मनबढ़ई के चलते परेशान है। सड़क पर बसों को आड़ा-तिरछा खड़ी कर चालक और परिचालक सवारियां चढ़ाते और उतारते है, जिसके चलते पूरा क्षेत्र प्राय: जाम के झाम में फंसा रहता है। इतना ही नहीं प्रेशर हार्न के शोर ने तो लोगों के रातों की नींद तक को उड़ा दिया है। 16 मार्च को मनबढ़ रोडवेज कर्मचारियों और एक स्थानीय निवासी के बीच मारपीट भी हो गई थी। जिसके बाद रोडवेज कर्मचारियों ने सामाजिक कार्यकर्ता एसके सत्येन के घर पर धावा बोल दिया था। सत्येन समेत परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराया गया और जाम लगा कर चार घंटे तक शहर के कई प्रमुख मार्गो पर यातायात भी प्रभावित किया गया। इस मुद्दे को लेकर जिले के कई सामाजिक संगठन सड़क पर उतरे और समस्या समाधान की मांग उठाने लगे। एक सप्ताह से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी प्रशासन रोडवेज चालको की मनबढ़ई पर लगाम लगाने और समस्या समाधान कराने में असफल साबित हुआ। हिन्द सेवा दल और निषाद सेना ने शनिवार को समस्या समाधान के लिए 26 मार्च से रोडवेज तिराहे पर धरना-प्रदर्शन शुरू करने का ऐलान किया है।
0000000000000000000000
समस्या समाधान का डीएम ने दिया निर्देश
आजमगढ़। शनिवार को जिलाधिकारी कार्यालय में भी रोडवेज की समस्या को लेकर घंटो माथापच्ची हुई, लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकल सका। जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी ने रोडवेज प्रशासन के साथ ही मातहतों को जल्द समस्या का समाधान कराने का निर्देश दिया है।