आजमगढ़। तीन दिनों से शहर की सफाई न होने का मामले में जिलाधिकारी की चेतावनी का असर रविवार दोपहर बाद से ही दिखने लगा था। रविवार को तो कुछ ही स्थानों पर सफाई हुई थी। सोमवार को आठों वार्डों में सफाई श्रमिकों के साथ अधिकारी भी खड़े नजर आए। अपने निर्देशन में शहर की सफाई का काम कराया। वहीं, कूड़ा उठने और नालियां साफ होने के बाद शहरवासियों ने भी राहत की सांस ली।
शहर के आठ वार्डों में 90 सफाई श्रमिकों ने टेंडर रद होने और मानदेय नहीं मिलने के कारण सफाई व्यवस्था ठप कर दी थी। अधिकारियों की सख्ती के बाद दूसरे सफाई कर्मियों के सफाई पर आने पर उन्हें भी काम नहीं करने दिया था। वापस लौटा दिया था। रविवार को जिलाधिकारी के संज्ञान में पहुंचा तो उन्होंने अधीनस्थों को तलब कर मामले की जनाकारी ली। उपजिलाधिकारी सदर प्रशांत कुमार, सफाई निरीक्षक बिशन सिंह और अन्य कर्मचारियों ने निर्देश दिया कि 12 घंटे के भीतर कूड़ा नहीं उठा तो सफाई ठप करने संलिप्त दोषी लोगों पर 133 सीआरपीसी के तहत कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी के आदेश के बाद रविवार दोपहर बाद कुछ स्थानों पर कर्मचारियों ने कूड़ा उठाना और झाड़ू लगना प्रारंभ कर दिया था, लेकिन सभी वार्डो में सफाई नहीं हो पाई थी। सोमवार सुबह से ही शहर की सफाई व्यवस्था पटारी पर लौटने लगी। पालिका के अधिकारी खुद खड़े होकर शहर का कूड़ा उठवाते दिखे। जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि सफाई व्यवस्था में कुछ लोग व्यवधान लाने की कोशिश कर रहे हैं। इस विवाद से कानूनी तौर से निपटने की कोशिश शुरू कर दी गई है।